Diarrhea

अहिफेनासव का दस्त और मरोड़ रोकने के लिए कैसे प्रयोग करें

अहिफेनासव एक आयुर्वेदिक औषधि जो दस्त और मरोड़ को तुरंत रोकने में सहयाक होती है। इस लेख में, आप जानेंगे कि Ahiphenasava क्या है। इसके उपयोग और लाभ क्या होते हैं? इसमें ingredients कौन से है और इसकी खुराक और दुष्प्रभाव (साइड ईफ्फेक्ट्स) क्या होते हैं।

अहिफेनासव का उपयोग गंभीर अतिसार (दस्त) के उपचार में किया जाता है। यह हैजा में बार बार आने वाले पतले मल की आवृत्ति को कम करने में मदद करता है।

अहिफेनासव के घटक द्रव्य (संरचना)

घटक द्रव्य मात्रा
संशोधित मद्यसार 400 भाग
शुद्ध अहिफेन 16 भाग
नागरमोथा 4 भाग
इन्द्रयव 4 भाग
इलायची 4 भाग

निर्माण विधि: संशोधित मद्यसार लें और इसमें शुद्ध अहिफेन मिला दें। इस मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं और इसमें बाकी घटकों का चूर्ण मिला दें। अब इस आसव को एक महीने के लिए रख दें। फिर अहिफेनासव तरल को छान लें और खाद्य-श्रेणी की बोतलों में संरक्षित कर लें।

अहिफेनासव के औषधीय गुण धर्म

अहिफेनासव में निम्नलिखित औषधीय गुण हैं:

  • दस्त नाशक
  • पीड़ाहर
  • आक्षेपनाशक
  • शामक

दोष कर्म

अहिफेनासव की मुख्य क्रिया कफ दोष में देखी जाती है। यह वात दोष और पित्त दोष को बढ़ा सकती है। इसलिए, बढ़े हुए वात और पित्त वाले व्यक्तियों को इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।

अहिफेनासव के चिकित्सीय प्रयोग

अहिफेनासव स्वास्थ्य की निम्नलिखित स्थितियों में सहायक है।

  • तीव्र दस्त या पतला मल
  • हैजा (बार बार आने वाले पतले मल की आवृत्ति को कम करने के लिए)
  • पेट में दर्द और ऐंठन
  • आंत्रशोथ
  • पेचिश (Dysentery)

अहिफेनासव मात्रा एवं सेवन विधि

औषधीय मात्रा (Dosage)

बच्चे(5 वर्ष की आयु से ऊपर) 1 से 3 बूँदें
वयस्क 3 से 10 बूँदें

सेवन विधि

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के तुरंत बाद लें
दिन में कितनी बार लें? दो या तीन बार
अनुपान (किस के साथ लें?) पानी के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

अहिफेनासव के दुष्प्रभाव

अहिफेनासव का उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में किया जाना चाहिए। बिना किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में किया गया उपयोग, विशेष रूप से बच्चों के लिए असुरक्षित हो सकता है।

अहिफेनासव के कारण निम्नलिखित दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

  1. कब्ज (सामान्य)
  2. मल त्याग करने में कठिनाई (सामान्य)
  3. मतली (दुर्लभ)
  4. उल्टी (बहुत दुर्लभ)

नोट: अधिक मात्रा के कारण गंभीर कब्ज हो सकती है।

विपरीत संकेत

अहिफेनासव का उपयोग निम्नलिखित स्थितियों में नहीं करना चाहिए:

  1. गर्भावस्था और स्तनपान
  2. कब्ज

Reference

  1. Ahiphenasava Ingredients, Benefits, Dosage & Side Effects

About Dr. Jagdev Singh

डॉ जगदेव सिंह (B.A.M.S., M.Sc. Medicinal Plants) आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर है। वह आयुर्वेद क्लिनिक ने नाम से अपना आयुर्वेदिक चिकित्सालय चला रहे हैं।उन्होंने जड़ी बूटी, आयुर्वेदिक चिकित्सा और आयुर्वेदिक आहार के साथ हजारों मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया है।आयुर टाइम्स उनकी एक पहल है जो भारतीय चिकित्सा पद्धति पर उच्चतम स्तर की और वैज्ञानिक आधार पर जानकारी प्रदान करने का प्रयास कर रही है।

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