अलसी बीज, जिसको फ्लैक्स सीड्स (flax seeds) के नाम से भी जाना जाता है, हृदय रोग, पाचन रोग, कैंसर और मधुमेह में लाभप्रद होते हैं। अलसी के बीज दुनिया के प्रसिद्ध सुपर खाद्य पदार्थों में से एक है। यह बीज बहुत ही पौष्टिक होते हैं और कई बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं। यह आवश्यक फैटी एसिड ओमेगा -3 से भरपूर होते हैं। अलसी बीजों में भरपूर मात्रा में आहार के लिए आवश्यक फाइबर और लिग्नन्स होते हैं।

इनकी खोज 8वीं शताब्दी में की गयी थी। सदियों से अलसी बीज का उपयोग किया जा रहा है और इनसे हृदय रोग, स्तन कैंसर और मधुमेह जैसे रोगों में मदद मिल रही है। अलसी बीज में एक एक अनूठी विशेषता है कि अगर इन बीजों को भोजन से पहले खाया जाए तो आप तृप्ति का अनुभव करेंगे। इस प्रकार, यह मोटे लोगों भोजन की लालसा और अत्यधिक भूख लगने की बीमारी को कम कर देते हैं। इसलिए, यह बीज  वजन घटाने (weight loss) के लिए उपयोगी सिद्ध होते हैं।

अलसी बीज के लाभ और उपयोग

कैंसर संरक्षण

अलसी बीज का उपयोग करने से स्तन, प्रोस्टेट और पेट के कैंसर के खिलाफ लड़ने में मिलती है। अलसी बीजों में मौजूद ओमेगा -3 फैटी एसिड की वजह से यह प्रभाव देखने को मिलता है।

मधुमेह

हाल के शोध से यह सिद्ध हुआ है कि प्रतिदिन दिन में तीन बार अलसी बीज का उपयोग करने से टाइप 2 मधुमेह में मदद मिल सकती है। कम से कम एक महीने के लिए अलसी बीज के चूर्ण का उपयोग करने से रक्त शर्करा के स्तर को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण

अलसी बीज शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता हैं। यह अथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का सख्त होना और उमड़ना) को भी रोकता है।

ऑस्टियोपोरोसिस

अलसी के बीज अस्थि घनत्व के स्तर में भी सुधार करता हैं। इस प्रकार यह संभवतः ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया में राहत प्रदान कर सकते हैं।

कब्ज

अलसी बीज फाइबर से भरपूर होते हैं। इसलिए, वे कब्ज की समस्याओं में भी मदद करते हैं।

रजोनिवृत्ति

अलसी बीज महिलाओं को उनकी रजोनिवृत्ति के चरण में अधिक गर्मी लगने का सामना करने में मदद करते हैं। ये बीज पूर्व रजोनिवृत्ति के लक्षणों को रोकने में भी मदद कर सकते हैं।

हृदय की समस्या

अलसी में उपस्थित अल्फा लिनोलेनिक एसिड हृदय की समस्याओं के जोखिम को कम करती है।

एडीएचडी (ध्यान अभाव सक्रियता विकार) में मदद

अलसी संभवतः एडीएचडी (ध्यान अभाव सक्रियता विकार) में दिखने वाले लक्षणों को बेहतर बनाती है।

अन्य लाभ

अलसी बीज निम्न रोगों में मदद करते हैं, लेकिन इन रोगों में इसकी प्रभावकारिता के कुछ ही सबूत उपलब्ध हैं।

  • बढ़ी हुई पौरुष ग्रंथि
  • ह्रदय रोग
  • अंतर्गर्भाशयकला कैंसर
  • स्तनों में दर्द
  • फेफड़ों का कैंसर
  • वजन घटना
  • पेट खराब होना
  • त्वचा की जलन
  • मूत्राशय में सूजन

अलसी बीज के दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट्स)

अलसी के बीजों का अधिक मात्रा में में उपयोग करने से कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जो की बहुत नगण्य हैं। इन दुष्प्रभावों में शामिल हैं।

  • गैस्ट्रिक समस्या
  • पेट दर्द
  • सूजन
  • जी मिचलाना
  • दस्त
  • आंतरिक रक्तस्राव
  • आंत्र सिंड्रोम में वृद्धि
  • प्रोस्टेट कैंसर का खतरा

सावधानियां

यदि आप को कोई निम्नलिखित समस्या हैं तो अलसी बीज का उपयोग संभवतः असुरक्षित हो सकता है।

  • भोजन की एलर्जी
  • आंत्र की सूजन का रोग
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बाधा
  • रक्तस्राव विकार
  • कम रक्त दबाव
  • उच्च रक्तचाप
  • हैपरट्रिगलीसेरीडेमिया
  • द्विध्रुवी विकार
  • पाचन विकार

दवाओं का पारस्परिक प्रभाव

यदि आप निम्नलिखित दवाओं का उपभोग कर रहे हैं तो आपको अलसी बीजों का उपभोग ना करें।

  • मधुमेह विरोधी दवा जैसे ग्लीमीपीरीड और ग्लिपीजाइड।
  • एन्टीप्लेटलेट दावा जैसे क्लोपिडोग्रेल, डिक्लोफेनाक, इबुप्रोफेन, डालतेपरीन, हेपरिन, वार्फरिन, डालतेपरीन, नेपरोक्सन और एस्पिरिन।
  • अलसी अन्य दाहक विरोधी दवाओं, दर्द निवारक, उच्च रक्तचाप की दवाओं और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने वाली दवाओं के साथ परस्पर प्रभाव डाल सकती है।

सजग सलाह

यदि आप नियमित रूप से किसी भी प्रकार की दवा या कोई खुराक ले रहे हैं तो अलसी बीज को उस दवा के लेने से कम से कम दो घंटे पहले या बाद में लेना उचित होगा।

संदर्भ

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