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अश्वगंधा चूर्ण

Ashwagandha Churna in Hindi

अश्वगंधा चूर्ण एक आयुर्वेदिक औषधि हैं जो अश्वगंधा नाम का प्राकृतिक जड़ी-बूटी से युक्त हैं, अश्वगंधा जिसे यादाश्त बढ़ाने के लिए जाना जाता हैं।अश्वगंधा को अन्य बुद्धि-सम्बन्धी क्षमतायों  जैसे ध्यान बढ़ाना, ज्ञान-संबंधी निपुणता और एकाग्रता में सुधार करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह एक तनाव को दूर करने का काम भी करता हैं। यह सामान्य कमजोरी का इलाज़ करने में मदद करता हैं और एक व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य और फिटनेस को सुधारता हैं। अश्वगांधा चूर्ण को पुरुषो और महिलायो के लिए एक प्राकृतिक टॉनिक माना जाता हैं। यह शरीर के सभी अंगो को शक्ति और ऊर्जा प्रदान करता है।

सामान्य स्वास्थ्य

अश्वगंधा चूर्ण सामान्य कमजोरी, तनाव और थकान के इलाज़ के लिए एक अद्भुत आयुर्वेदिक औषधि है। यह सभी अंगो के सामान्य कार्यो को प्रोत्साहित करता हैं और उन कामो को करने में सहयोग करता हैं । यह एक अद्भुत हर्बल उत्पाद है जो शरीर की भौतिक ऊर्जा के स्तरों को बढ़ाता हैं और लोगो को तनाव से निपटने के लिए तैयार करता हैं। यह एक रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता हैं और इस तरह हानिकारक जीवों से शरीर को बचाने के मौको को बढ़ाता हैं। यह एक सशक्त टॉनिक हैं, जो  ऊतकों और हड्डियों को पर्याप्त पोषण देता हैं और आंतरिक शक्ति को बढ़ाने मदद करता हैं। यह अंत: स्रावी प्रणाली और प्रजनन अंगो को भी नियंत्रित करता हैं।

यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारने बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्ति की स्थिरता के लिए भी लाभदायक हैं। यह तनाव को कम करके मानसिक गतिविधियों को सुधारता हैं और व्यक्ति को एक बेहतर तरीके से चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए तैयार करता हैं। यह एक अद्भुत एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर को मुक्त कणो के खिलाफ सुरक्षित रखता हैं और कैंसर जैसी बड़ी और पुरानी बिमारियों की रोकथाम में अच्छे परिणाम देता हैं।

पुरुषों की स्वास्थ्य समस्याएं

अश्वगंधा चूर्ण एक अद्भुत औषधि हैं जिसका प्रयोग पारंपरिक रूप से पुरुषो के विकारो को दूर करने के लिए किया गया हैं। यह बांझपन के इलाज में मदद करता हैं। यह वृषणों को उत्तेजित करने का काम करता हैं जिससे टेस्टोस्टेरोन से जल्दी छुटकारा मिलता हैं। यह स्वस्थ शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में भी सहायक हैं। यह पुरुषों में ऊर्जा को बढ़ाता हैं जिससे कामेच्छा में कमी नही होती। यह औषधि वीर्य-संबंधी विकारों और शीघ्रपतन के इलाज में सहायता कर सकती हैं। यह शिश्न क्षेत्र में मांसपेशियों की ताकत में सुधार करता है और पुरुषो को एक सख्त और मजबूत शिश्न को पाने में मदद करता हैं जो लंबे समय तक बना रहता हैं।

तंत्रिका प्रणाली विकार

अश्वगंधा चूर्ण को तंत्रिका प्रणाली के रोगों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह नसों को पोषण तत्वो की आपूर्ति करता हैं और तंत्रिका प्रणाली के कार्यों को बढ़ाता है। लोग जो तंत्रिका प्रणाली विकारो जैसे नसों का दर्द, या पार्किंसन का रोग से पीड़ित हैं, वो इस रोग के लक्षणों से छुटकारा पाने के लिए नियमित रूप से इस हर्बल औषधि का सेवन कर सकते हैं। इसे अवसाद के उपचार के लिए भी प्रयोग किया जा सकता हैं। यह तंत्रिका प्रणाली में हार्मोन का संतुलन बनाये रखने का काम करता हैं। बूढ़े लोगो जो मनोभ्रम या पागलपन से पीड़ित हैं, उन्हें इसका सेवन करने की राय दी जाती हैं। यह उनके लिए बौद्धिक टॉनिक का काम करता हैं और उनके दिमाग की शक्ति को बढ़ाता हैं इस प्रकार कमजोर यादाश्त सहित मनोभ्रम के लक्षणों को को भी सुधारा जा सकता हैं।

प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता हैं

अश्वगंधा चूर्ण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए लिया जा सकता है। यह सफेद रक्त कोशिकाओं में सुधार कर के आवर्तक संक्रमण से बचाता है, जो जीवाणुओं पर हमला करता हैं और उन्हें नष्ट करता हैं।

दिमागी कार्य

अश्वगंधा चूर्ण याददाश्त को बढ़ाने के लिए सर्वश्रेष्ठ औषधि हैं। यह एक अच्छी मानसिक स्थिरता को सुनिश्चित करता है। यह ध्यान लगाने के समय और वयस्कों के साथ-साथ बच्चों की एकाग्रता को भी बढ़ाता हैं।

नींद संबंधी विकार

अश्वगंधा चूर्ण का सामान्यतः नींद संबंधी विकारों के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है। इसका विशेष रूप से अनिद्रा और अशांत नींद के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। यह मुख्यता तंत्रिकाओं और दिमाग पर शांत और सुखदायक भाव उत्पन्न करने का काम करता हैं और इस प्रकार उन्हें स्थिरता और शांति प्रदान करता हैं, जिससे अच्छी नींद आती हैं। इस औषधि की बूढ़े लोगो में नींद की कमी के उपचार के लिए बहुत सिफारिश की जाती हैं।

एंटी-एजिंग

इस औषधि का नियमित प्रयोग करने से बुढ़ापे के लक्षणों को रोकने में मदद मिलती हैं। यह त्वचा की हाइड्रेशन को बरकरार रखता है और इस प्रकार, अत्यधिक सूखेपन की रोकथाम करता हैं, झुर्रियाँ और बारीक़ लाइनों का निर्माण करने में सबसे आगे हैं। यह त्वचा को नरम और कोमल बनाता है।

महिलाओं के प्रजनन कार्य

अश्वगंधा चूर्ण का सेवन स्तनपान कराने वाली महिलाओं द्धारा दूध के स्राव में सुधार करने के लिए किया जा सकता हैं। इसका प्रयोग महिलाओं के बांझपन के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

अश्वगंधा चूर्ण का प्रयोग कैसे करें

रोगी अश्वगंधा चूर्ण का सेवन दिन में दो बार कर सकते हैं। इसकी एक खुराक में एक चम्मच यानि (5 ग्राम) का प्रयोग किया जा सकता हैं । खुराक को एक गिलास गर्म दूध या पानी के साथ लिया जाना चाहिए।

अश्वगंधा चूर्ण के दुष्प्रभाव

अश्वगंधा चूर्ण एक हर्बल औषधि हैं; इसीलिए, इससे कोई दुष्प्रभाव नही होता हैं। इसके प्रयोग को सुरक्षित माना जाता हैं। इसे किसी भी उम्र के लोग सामान्य ऊर्जा को बढ़ाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। हालाँकि, इस औषधि को बहुत अधिक मात्रा में लेना पेट खराब, और उदर में दर्द जैसे समस्याएं पैदा कर सकता है।

संदर्भ

  1. Ashwagandha Benefits