जड़ी बूटी, आयुर्वेद, स्वास्थ्य, घरेलू नुस्खे, रोगों के बारे में हिंदी में जानें
Browsing Category

भस्म एवं पिष्टी

भस्म और पिष्टी दोनों ही खनिजों, धातुओं या रत्नों के चूर्ण हैं। भस्म को निस्तापन द्वारा अर्थात आग में तपा कर बनाया जाता है, वहीं पिष्टी में अग्नि का प्रयोग नहीं होता है। इसीलिए भस्म की तुलना में पिष्टी का स्वभाव मृदु होता है।

आयुर्वेदिक भस्म और इस की सूची

आयुर्वेद में भस्म, एक ऐसा पदार्थ जिसे पकाकर (निस्तापन) प्राप्त किया गया, के रूप में परिभाषित किया गया है। भस्म (जलाये जाने के बाद बचा अवशेष या जल कर राख कर देने के बाद बची सामग्री) और पिष्टी (बारीक पीसी हुई मणि या धातु) को आयुर्वेद में जड़ी बूटियों के साथ औषधीय रूप में महत्वपूर्ण बीमारियों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इन औषधियों को बनाने की…
Read More...

पिष्टी परिभाषा, अवधारणा, बनाने की विधि, भावना द्रव्य, पिष्टी के लक्षण, विशेषता और संरक्षण

पिष्टी परिभाषा औषधि योग्य शुद्ध पदार्थ का महीन चूर्ण कर गुलाब जल आदि तरल पदार्थ में नम करके खरल कर बनाई गई औषधियों को पिष्टी कहा जाता है। पिष्टी को औषधि योग्य शुद्ध पदार्थ का महीन चूर्ण बनाकर तरल पदार्थ के साथ सूर्य या चन्द्रमा की रोशनी में बनाया जाता है। इन्हें अनग्निपुटा भस्म भी कहा जाता है क्योंकि यह बिना अग्नि के प्रयोग से बनायी जाती है।…
Read More...