बाल बन्धु अर्क का प्रयोग बालकों के उदार रोगों के उपचार के लिए किया जाता है। यह आमाशय  में पाचन रसों का स्त्राव करता है और भूख बढ़ाता है। यह उदर शूल, अपचन, मंदाग्नि, कब्ज, जुकाम आदि में लाभदायक है।

घटक द्रव्य एवं निर्माण विधि

बालबन्धु अर्क में निम्नलिखित घटक द्रव्यों (Ingredients) है:

घटक द्रव्यों के नाममात्रा
कलीचूना24 ग्राम
मिश्री48 ग्राम
औष जल360 ग्राम

निर्माण विधि

इस अर्क के निर्माण के लिए कलीचूना 24 ग्राम, मिश्री 48 ग्राम और ओस जल 360 ग्राम मिलकर घोल लें। जब चूना नीचे बैठ जाए, तो ऊपर से साफ़ जल नितार लें।

औषधीय कर्म (Medicinal Actions)

बाल बन्धु अर्क में निम्नलिखित औषधीय गुण है:

  • क्षुधावर्धक – भूख बढ़ाने वाला
  • पाचक – पाचन शक्ति बढाने वाली
  • अनुलोमन
  • छदि निग्रहण
  • उदर शूलहर

चिकित्सकीय संकेत (Indications)

बालबन्धु अर्क निम्नलिखित व्याधियों में लाभकारी है:

  1. मन्दाग्नि
  2. अपचन
  3. कब्ज
  4. उदर शूल
  5. जुकाम

मात्रा एवं सेवन विधि (Dosage)

बालबन्धु अर्क की सामान्य औषधीय मात्रा  व खुराक इस प्रकार है:

औषधीय मात्रा (Dosage)

0 – 3 माह तक के बच्चे5 से 10 बूँद
3 माह से 1 वर्ष तक के बच्चे20 से 25 बूँद
1 वर्ष से 3 वर्ष तक के बच्चे40 से 50 बूँद

सेवन विधि

दवा लेने का उचित समय (कब लें?)खाना खाने के बाद
दिन में कितनी बार लें?2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?)दूध में मिलाकर पिलायें।

दुष्प्रभाव (Side Effects)

यदि बालबन्धु अर्क का प्रयोग व सेवन निर्धारित मात्रा (खुराक) में चिकित्सा पर्यवेक्षक के अंतर्गत किया जाए तो बालबन्धु अर्क के कोई दुष्परिणाम नहीं मिलते। अधिक मात्रा में बालबन्धु अर्क के साइड इफेक्ट्स की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

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