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आयुर्वेद

आयुर्वेदिक प्रकृति – आयुर्वेदिक शारीरिक प्रकार

आयुर्वेद में  शरीर को तीनों दोषों के अनुपात द्वारा निर्मित माना जाता है, जिसे कि आयुर्वेदिक प्रकृति (आयुर्वेदिक शारीरिक प्रकार) भी कहा जाता है। आयुर्वेद दोष की प्रबलता के आधार पर शारीरिक प्रकार को वर्गीकृत करता है। दोष तीन प्रकार के होते हैं, जिन्हें त्रिदोष के रूप में जाना जाता है - वात, पित्त और कफ। इन तीन दोषों के आधार पर, एक विशिष्ट दोष की…
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वात प्रकृति, पित्त प्रकृति और कफ प्रकृति में अंतर

निम्नलिखित तालिका आपको वात शारीरिक प्रकार, पित्त शारीरिक प्रकार, और कफ शारीरिक प्रकार में अंतर जानने में मदद करेगी। विवरण वात प्रकृति पित्त प्रकृति कफ प्रकृति मस्तिष्क अस्थायी मन एवं विचार दिमाग पर काफी अच्छा नियंत्रण, कुछ हद तक स्थिर मन मन पर बेहतर नियंत्रण, स्थिर मन बुद्धिमत्ता बुद्धिमत्ता का अभाव या बुद्धि अच्छी तरह से…
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सम प्रकृति के शारीरिक और मानसिक लक्षण एवं सामान्य समस्याऐं

शरीर में किसी भी प्रकार के गैर-प्रभुत्व और शरीर में प्रत्येक दोष के संतुलन और सामंजस्य को सम शरीर प्रकार कहा जाता है। इसको सम गठन, सम प्रकृति और सम वात पित्त कफ प्रकृति भी कहा जाता है। इस प्रकार के शरीर में, प्रत्येक दोष का समान अनुपात होता है और यह एक दूसरे के प्रभावों को विफल करता है, जिससे व्यक्ति स्वास्थ्यप्रद हो जाता है। अधिकांश व्यक्तियों में…
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कफ प्रकृति के शारीरिक और मानसिक लक्षण एवं सामान्य समस्याऐं

शारीरिक गठन में कफ दोष की प्रबलता को कफ प्रकृति (कफज प्रकृति) या कफ शारीरिक प्रकार कहा जाता है। इसे कफ गठन के रूप में भी जाना जाता है। कफ प्रकृति के लक्षण कफ दोष के गुण आपकी शारीरिक और मानसिक विशेषताओं का निर्धारण करते हैं।
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पित्त प्रकृति के शारीरिक और मानसिक लक्षण एवं सामान्य समस्याऐं

शारीरिक गठन में पित्त दोष की प्रबलता को पित्त प्रकृति (पित्तज प्रकृति) या पित्त शारीरिक प्रकार कहा जाता है। इसे पित्त गठन के रूप में भी जाना जाता है। पित्त प्रकृति के लक्षण पित्त दोष के गुण आपकी शारीरिक और मानसिक विशेषताओं का निर्धारण करते हैं।
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आयुर्वेदिक मापन

आयुर्वेदिक शास्त्रीय ग्रंथों ने प्राचीन प्रणाली में वजन और मापों का वर्णन किया है। बहुत से लोग अब उनके बारे में नहीं जानते हैं आपके संदर्भ के लिए, हम आयुर्वेदिक मीट्रिक्स और उनके आधुनिक मीट्रिक समकक्षों के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं।
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आयुर्वेदिक और हर्बल औषधियों की खुराक की गणना

आधुनिक विज्ञान में औषधियों की उपयुक्त खुराक की गणना करने के लिए विभिन्न तरीके हैं। हमने बच्चों के साथ-साथ वयस्कों के लिए उनके शरीर के वजन के आधार पर सबसे उपयुक्त और उचित खुराक निर्धारित करने के लिए आसान तरीका अपनाया है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में बाल चिकित्सा की आयुर्वेदिक औषधियों की गणना को भी वर्णित किया गया है। इस लेख में, हम हमारे द्वारा अपनाई…
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आयुर्वेदिक औषधियों की समाप्ति अवधि

ज़्यादातर आयुर्वेदिक औषधियों की एक विशिष्ट समाप्ति की अवधि होती है। इस लेख में, आप आयुर्वेदिक औषधि समूहों के शेल्फ जीवन और समाप्ति अवधि के बारे में सीख सकते हैं।
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कफ दोष के गुण, कर्म, मुख्य स्थान, प्रकार, असंतुलन, बढ़ने और कम होने के लक्षण

कफ एक ऐसी संरचनात्मक अभिव्यक्ति है जो द्रव्यमान को दर्शाता है यह हमारे शरीर के आकार और रूप के लिए भी ज़िम्मेदार है। जैविक रूप से, यह द्रव और पृथ्वी का संयोजन है। कफ के अणु शरीर के जटिल अणु होते हैं जो कोशिकाओं में उत्तकों, ऊतकों के अंगों और जो पूरे शरीर में अंगों की स्थिरता को बनाये रखते है। जैविक रूप से, सभी कोशिकाएं और उत्तक आदि कफ दोष से बने है,…
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