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औषधीय कर्म

वणर्य द्रव्य या औषधि

आयुर्वेद में त्वचा के वर्ण में सुधार लाने वाली और चमक बढ़ाने वाली औषधि को वणर्य कहा जाता है। यह शरीर के रोगों के कारण विकृत हुए वर्ण को द्वारा प्राकृतिक करने में सहायक होती है। इसका प्रभाव भ्राजक नामक पित्त पर पड़ता है। इसकी वृद्धि अथवा हानि त्वचा के प्राकृतिक वर्ण में परिवर्तन कर देती है जो वणर्य औषधिओं पुनः प्राकृतिक किया जा सकता है। विकृत…
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रसायन (कायाकल्प चिकित्सा) एवं रसायन औषधियों

रसायन उस चिकित्सा का नाम है जो शारीर में जीवनीय तत्त्वों को बढ़ाता है और व्यक्ति को बल, वीर्य, ऊर्जा, और ओज से परिपूर्ण करता है। रसायन सेवन से व्यक्ति की जीवनीय शक्ति बढ़ती है, आयु लंबी होती है और वह सदा स्वस्थ जीवन  बतीत करता है। रसायन आयुर्वेद की एक चिकित्सा प्रणाली है जिस में मन और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उपयो का वर्णन किया गया है। इन उपयो…
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