आयुर्वेदिक दवाइयाँ

Gokshuradi Guggulu

Gokshuradi Guggulu

Gokshuradi Guggulu is a herbal concoction which is used for health conditions like kidney disease and urinary disorders. It improves the functioning of the kidney and is diuretic nature. Diuretic compounds are those which increase the urine production by increasing excretion of water from the body.

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Guggulu Rasayan

Guggulu Rasayan

Guggulu Rasayan is an ayurvedic supplement used for curing obesity. It does not allow fat to accumulate in the body and aids in losing weight. Guggulu Rasayan improves the usability of the key nutrients including carbohydrate, fat, and proteins and thus, increases metabolism and digestion.

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Kaishore Guggul

Kaishore-Guggul

Kaishore guggul is also known as Pathyadi Guggulu. This Ayurvedic preparation is used to rectify the elevated levels of uric acid, gouty arthritis attacks ranging from mild to severe, inflammation, wounds, stomach ailments, dyspepsia, constipation, and diabetic carbuncles.

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आभा गुग्गुल

Abha Guggulu

आभा गुग्गुल एक प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है जो हड्डियों मजबूत बनाती है और हड्डी के फ्रैक्चर को जल्दी ठीक करने में लाभदायक है। यह हड्डियों में खनिज पदार्थ को पुनः स्थापन करने में मदद करती है।

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अहिफेनासव का दस्त और मरोड़ रोकने के लिए कैसे प्रयोग करें

Diarrhea

अहिफेनासव एक आयुर्वेदिक औषधि जो दस्त और मरोड़ को तुरंत रोकने में सहयाक होती है। इस लेख में, आप जानेंगे कि Ahiphenasava क्या है। इसके उपयोग और लाभ क्या होते हैं? इसमें ingredients कौन से है और इसकी खुराक और दुष्प्रभाव (साइड ईफ्फेक्ट्स) क्या होते हैं। अहिफेनासव का उपयोग गंभीर …

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अभयारिष्ट का बवासीर, कब्ज और पेट रोगों में कैसे प्रयोग करें

अभयारिष्ट कब्ज, बवासीर, पेट के रोग, और पेट की सफाई के लिए बहुत ही अच्छी दवा है। आइए इस लेख में बात करते हैं कि हम कब्ज, बवासीर, पेट के रोग, और पेट की सफाई के लिए अभयारिष्ट का उपयोग कैसे कर सकते हैं। और अभयारिष्ट के लाभ, उपयोग और …

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गिलोय घन वटी (Giloy Ghan Vati in Hindi)

Giloy (Tinospora Cordifolia)

गिलोय घन वटी घटक द्रव्य, उपयोग, लाभ, मात्रा तथा दुष्प्रभाव. गिलोय घन वटी सभी प्रकार के बुखार में फद्येमंद होती है। खासकर इसका प्रयोग रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने के लिए किया जाता है। चरक संहिता में गिलोय को मेध्य रसायन माना है। रसायन होने के कारण यह बुद्धिवर्धक और …

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शिलाजीत का शोधन कैसे करते है? (How to Purify Shilajit)

Shilajit Shodhan शिलाजीत शोधन

आयुर्वेद में शिलाजीत का प्रयोग इस का शोधन करने के बाद ही किया जाता है। जो शिलाजीत हिमालय आदि पहाड़ों से प्राप्त होता है वह कई तरह के पत्थर, मिट्टी आदि अशुद्धियों से युक्त होता है। इसलिए इसे मनुष्य के खाने योग्य नहीं माना जाता।

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आरग्वधारिष्ट के फायदे, औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

आरग्वधारिष्टम प्राकृतिक किण्वन प्रक्रिया के माध्यम से बनाई गयी अरिष्ट श्रेणी (Arishta Category) में वर्गीकृत एक आयुर्वेदिक और हर्बल औषधि है। यह औषधि त्वचा रोग, आंत्र कृमि, श्वित्र (leucoderma) और खाँसी में उपयोगी है। यह व्रण, घाव और फोड़े फुंसियों से आरोग्य प्राप्ति की गति को तेज करती है। यह …

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अयस्कृति के फायदे, औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

अयस्कृति आमतौर पर केरल में मूत्र संबंधी विकार, रक्तस्राव, ल्यूकोडर्मा (leucoderma), त्वचा विकार, भूख की कमी, कृमि संक्रमण, रक्ताल्पता, शीघ्रकोपी आंत्र विकार के लक्षण, कुअवशोषण विकार और मोटापे के उपचार के लिए प्रयोग की जाने वाली एक आयुर्वेदिक औषधि है। अयस्कृति का मुख्य प्रभाव वात दोष और कफ दोष पर …

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