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भस्म एवं पिष्टी

भस्म और पिष्टी दोनों ही खनिजों, धातुओं या रत्नों के चूर्ण हैं। भस्म को निस्तापन द्वारा अर्थात आग में तपा कर बनाया जाता है, वहीं पिष्टी में अग्नि का प्रयोग नहीं होता है। इसीलिए भस्म की तुलना में पिष्टी का स्वभाव मृदु होता है।

नाग भस्म

नाग भस्म एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका निर्माण सीसे (लेड) से किया जाता है। नाग भस्म में लेड सल्फाइड होता है जिसे अन्य कार्बनिक पदार्थों और जड़ी बूटियों के साथ मिलाकर इस भस्म को बनाया जाता है।आयुर्वेद में नाग भस्म को अक्सर पेशाब आने, मूत्र असंयम, मधुमेह, प्लीहा वृद्धि, प्रदर, हर्निया, नपुंसकता, संधिशोथ, आदि के उपचार में प्रयोग किया जाता है। यह भस्म…
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लौह भस्म

लौह भस्म लोहे से बनायी गयी आयुर्वेदिक औषधि है। लौह भस्म लोहे (आयरन) का ऑक्साइड है और आयुर्वेद में इसका महत्त्वपूर्ण उपयोग है। यह रक्त धातु में वृद्धि करता है जिसके कारण शरीर को बल मिलता है। लौह भस्म एक बहुत ही उत्तम रसायन है जो पूरे स्वास्थ्य को अच्छा करता है।लौह भस्म का प्रयोग एनीमिया, सामान्य दुर्बलता, यकृत वृद्धि, प्लीहा वृद्धि, और हर्निया…
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वंग भस्म

वंग भस्म टिन से तैयार एक आयुर्वेदिक दवा है। वंग भस्म को निस्तापन की क्रिया से बनाया जाता है जिसमें शोधन, मर्दन और मारण की क्रिया सम्मिलित है। इस क्रिया से औषधि अपने ऑक्साइड रूप में परिवर्तित हो जाती है और बहुत ही महीन कण के आकार में आ जाती है।वंग भस्म को मोटापे, शीघ्रपतन, एनीमिया, अस्थमा आदि में आयुर्वेदिक उपचार में प्रयोग किया जाता है। वंग…
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रजत भस्म (चांदी भस्म या रौप्य भस्म) के लाभ, प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

रजत भस्म (Rajat Bhasma) एक आयुर्वेदिक औषधि है जिस को रौप्य भस्म (Raupya Bhasma) और चाँदी भस्म (Chandi Bhasma) भी कहा जाता है। यह एक रसायन (रेजुवेनातिंग एजेंट) की भान्ति प्रयोग में आने वाली औषधि है जो शारीर के कायाकल्प करने में मदद करती है। यह चांदी से भस्मीकरण प्रक्रिया के द्वारा बनाई गई दवा है।रौप्य भस्म (रजत भस्म) मुख्यतः वात पित्त शामक है।…
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स्वर्ण भस्म (Swarna Bhasma in Hindi)

स्वर्ण भस्म (Swarna Bhasma) आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधि है जो रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाती है और बहुत से जीर्ण रोगों के इलाज के लिए उपयुक्त दवा है। स्वर्ण भस्म वात (Vata),पित्त (Pitta), और कफ (Kapha) के समस्त रोगों में ख़ास तौर पर पित्त प्रधान रोगों यह विशेष लाभकारी है। यह त्वचा के वर्ण को सुधारती है, रस रक्त आदि धातुओ को बल प्रदान करती है, मुख…
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भस्म परीक्षा – उत्तम भस्म की गुणवत्ता नियंत्रण के मानक

भस्म की गुणवत्ता की परीक्षा (bhasma standardization and quality tests) के लिए आयुर्वेद में बहुत से उपायो का वर्णन किया गया है। इस पोस्ट में हम इस के बारे में जाने गे।भस्म, धातु या खनिज और जड़ी-बूटियों के अर्क से तैयार एक अद्वितीय आयुर्वेदिक उत्पाद है जिसे भारतीय उपमहाद्वीप में 7 वीं शताब्दी ईस्वी के बाद से जाना जाता है। इसे व्यापक रूप से विकट…
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आयुर्वेदिक भस्म और इस की सूची

आयुर्वेद में भस्म, एक ऐसा पदार्थ जिसे पकाकर (निस्तापन) प्राप्त किया गया, के रूप में परिभाषित किया गया है। भस्म (जलाये जाने के बाद बचा अवशेष या जल कर राख कर देने के बाद बची सामग्री) और पिष्टी (बारीक पीसी हुई मणि या धातु) को आयुर्वेद में जड़ी बूटियों के साथ औषधीय रूप में महत्वपूर्ण बीमारियों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इन औषधियों को बनाने की…
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पिष्टी परिभाषा, अवधारणा, बनाने की विधि, भावना द्रव्य, पिष्टी के लक्षण, विशेषता और संरक्षण

पिष्टी परिभाषा औषधि योग्य शुद्ध पदार्थ का महीन चूर्ण कर गुलाब जल आदि तरल पदार्थ में नम करके खरल कर बनाई गई औषधियों को पिष्टी कहा जाता है। पिष्टी को औषधि योग्य शुद्ध पदार्थ का महीन चूर्ण बनाकर तरल पदार्थ के साथ सूर्य या चन्द्रमा की रोशनी में बनाया जाता है। इन्हें अनग्निपुटा भस्म भी कहा जाता है क्योंकि यह बिना अग्नि के प्रयोग से बनायी जाती है।…
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