आयुर्वेदिक दवाइयाँ

दिव्य कायाकल्प क्वाथ

हमारी त्वचा बहुत ही संवेदनशील और नाजुक होती हैं और ऐसे मैं बहुत ही ज़रूरी हैं की इसकी देखभाल कुदरती और हर्बल उत्पादों से करे। दिव्य कायाकल्प क्वाथ ऐसा ही एक उत्पाद हैं और ये हर्बल औषधि रोगनाशक जड़ी-बूटियों का मिश्रण हैं। इस औषदि को त्वचा को आरोग्य बनाने, त्वचा …

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बादाम रोगन (मीठे बादाम का तेल)

बादाम रोगन को आमतौर पर रोग़न बादाम शिरीन, बादाम का तेल और मीठा बादाम का तेल भी कहा जाता हैं। बादाम में लगभग 44 प्रतिशत तेल होता हैं, और इसका प्रयोग आंतरिक और बाहरी दोनों तरह प्रयोग किया जा सकता हैं जैसे की कुछ समस्याओ में बादाम के तेल से …

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दिव्य स्त्री रसायन वटी

दिव्य स्त्री रसायन वटी (Divya Stri Rasayan Vati) महिलायो के स्वास्थ्य के लिए एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है। यह मासिक धर्म की समस्याओं के लिए सबसे यह सबसे लाभदायक औषधि हैं। वो महिलाये जो लंबे समय से  मासिक धर्म में होने वाली परेशानियों से पीड़ित हैं, इस औषधि के सेवन …

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अरविन्दासव घटक द्रव्य, प्रयोग एवं लाभ, मात्रा, दुष्प्रभाव

अरविन्दासव के लाभ

अरविन्दासव (Arvindasava या Aravindasavam) आसव श्रेणी में वर्गीकृत एक आयुर्वेदिक औषधि हैं। शिशुओं और बच्चों में पाचन टॉनिक के रूप में प्रयोग किया जाता है। अरविन्दासव विशेष रूप से बच्चों के विभिन्न रोगों का नाश करता है, उन्हें पुष्ट और निरोगी बनाता है, उनकी भूख बढ़ाता है और उनके गृहदोष …

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दशमूल क्वाथ या दशमूल काढ़ा

दशमूल क्वाथ या दशमूल काढ़ा

दशमूल क्वाथ (दशमूल काढ़ा) एक आयुर्वेदिक औषधि है जो वातरोग के लिए प्रयोग की जाती है। इसका प्रभाव तंत्रिकाओं, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों पर पड़ता है। इन अंगों के लिए यह एक प्रकार की उत्तम दवा है। इन अंगों से संबंधित रोगों में यह बहुत लाभदायक सिद्ध हुई है। दशमूल …

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कांकायन वटी (कांकायन गुटिका)

कांकायन वटी - Kankayan Vati (Kankayan Gutika)

कांकायन वटी (Kankayan Vati या Kankayan Gutika) बादी बवासीर के लिए एक सर्वोत्तम आयुर्वेदिक दवा है। यह बवासीर के मस्से के आकार को कम कर देती है और कब्ज को राहत देता है। इस औषधि के उपयोग से मस्से सूख जाते हैं और बवासीर में होने वाली कब्ज के कारण …

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अर्शोघ्नी वटी (Arshoghni Vati)

अर्शोघ्नी वटी (Arshoghni Vati)

अर्शोघ्नी वटी (Arshoghni Vati) बवासीर एक सामान्य आयुर्वेदिक दवा है।  यह औषधि दोनों प्रकार की बवासीर (खूनी और बादी) के लिए बहुत अच्छी दवा है। हालांकि खूनी बवासीर के उपचार के लिए यह ज्यादा में फायदेमंद है। इसके प्रयोग से 1 से 3 दिनों में रक्तस्राव बंद हो जाता है। …

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अग्निवर्द्धक बटी (Agni Vardhak Vati)

अग्निवर्द्धक वटी- Agni Vardhak Vati

अग्निवर्द्धक वटी (Agni Vardhak Vati) पाचक अग्नि की वृद्धि करती है और भूख लगाती है। यह उन रोगियों के लिए लाभदायक है जिन को भूख नहीं लगती या पाचक रसों का उचित स्राव नहीं होता। पाचक रसों का उचित स्राव न होने से रोगी को खाना खाने के बाद पेट …

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अमृतारिष्ट के घटक द्रव्य, प्रयोग एवं लाभ, मात्रा और सेवन विधि

अमृतारिष्ट (Amritarishta or Amrutharishtam)

अमृतारिष्ट (Amritarishta or Amrutharishtam) जीर्ण ज्वर की एक महत्वपूर्ण औषधि है। यह टाइफाइड बुखार के जीर्ण होने पर इसका प्रयोग कारण उत्तम होता है और ज्वर को दूर करने में अत्यन्त सहायक सिद्ध होता है। यह रोगी की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है और कई तरह के संक्रमण रोगों …

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चंद्रप्रभा वटी

चंद्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati in Hindi)

चंद्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati) को चंद्रप्रभा गुलिका और चंद्रप्रभा वाटिका भी कहा जाता है। यह एक अति उत्कृष्ट आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रभाव गुर्दे, मूत्राशय, मूत्र पथ, अग्न्याशय, हड्डियों, जोड़ों और थायरॉयड ग्रंथि आदि अंगों पर पड़ता है। इसका प्रयोग इन अंगों से संबंधित रोगों के उपचार के लिए प्रयोग …

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