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भोजन एवं पोषण

गुड़ के महत्वपूर्ण लाभ और आयुर्वेद में चिकित्सार्थ उपयोग

गुड़ कच्ची शक्कर का पारम्परिक रूप है या गन्ने के रस से प्राप्त अपरिष्कृत शक्कर है। इसे बनाने के लिए गन्ने के रस को गर्म करके गुड़ के मोटे क्रिस्टल बनाये जाते हैं। यह गहरे पीले या भूरे रंग का होता हैं और रासायनिक संसाधित या अपकेंद्री चीनी का बहुत अच्छा विकल्प है। इसका उपयोग भारत, म्यांमार और कुछ अन्य एशियाई और अफ्रीकी देशों में व्यापक रूप से किया जाता…
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काला नमक लाभ और दुष्प्रभाव

काला नमक (जो हिमालयन काला नमक या अंग्रेजी में भारतीय काला नमक के नाम से भी जाना जाता है) एक प्रकार का सेंधा नमक (Rock Salt) है, जो आम तौर पर गहरी लाली लिए हुए काले रंग का होता है और इसमें तीखी सल्फर की गंध होती है। काले नमक का पाउडर गुलाबी भूरे या हलके बैंगनी रंग का होता है। आयुर्वेद में, काले नमक का औषधीय महत्व है और यह कुछ आयुर्वेदिक औषधियों…
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सेंधा नमक (सैंधव लवण) के लाभ और आयुर्वेद में चिकित्सार्थ उपयोग

सेंधा नमक (सैंधव लवण) सोडियम क्लोराइड के प्राकृतिक रूप से घटित खनिज रूप में आइसोमेट्रिक क्रिस्टल होते हैं। इसका रंग इसमें उपस्थित अलग-अलग अशुद्धियों के अनुसार भिन्न हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार सेंधा नमक का सर्वोत्तम रूप सफेद या रंगहीन होता है। हालांकि, लाल गुलाबी सेंधा नमक का उपयोग भी किया जाता है, जिसे हिमालयन नमक भी कहा जाता है। नियमित रूप…
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बंधानी हींग

बंधानी हींग (Compounded Asafoetida) पाचन रोगों तथा पेट की बीमारियों के लिए एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है। हींग का पुराने ज़माने से ही पेट की बिमारियों को ठीक रखने के लिए प्रयोग किया जाता रहा हैं। यह गैस से राहत देता हैं और पाचन तंत्र को ठीक रखता हैं, इसके नियमित सेवन से खाना आसानी से और प्राकृतिक तरीके से पच जाता हैं। बन्धानी हींग न केवल पाचन रोगों…
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