दिव्य पीड़ान्तक वटी (Divya Peedantak Vati) बाबा रामदेव के दिव्य पतंजलि फार्मेसी द्वारा बनाई गयी ऐसी आयुर्वेदिक औषधि हैं जो शरीर में होने वाले हर तरह के दर्द के लिए उपयोगी हैं। गठिया एक ऐसी बीमारी हैं जो बुढ़ापे में ज्यादातर लोगो को होती हैं, पतंजलि पीड़ान्तक वटी गठिये के लिए बाजार में उपलब्ध सभी औषधियों में से सबसे अधिक फायदेमंद हैं। यह औषधि जोड़ो के दर्द के लिए भी बेहद उपयोगी हैं इसके अलावा यह औषधि इम्युनिटी भी बढाती हैं। किसी भी तरह के अन्य दर्द से मुक्ति मिलती हैं।

पतंजलि पीड़ान्तक वटी के घटक

पतंजलि पीड़ान्तक वटी को निम्नलिखित घटको को मिल कर बनाया जाता हैं:-

घटक द्रव्यमात्रा
बॉसेमोदनद्रुम  मुकुल71.6 mg
सुरंजन मीठी35.7 mg
अश्वगंधा35.7 mg
शिलाजीत सत17.8 mg
कुचला शुद्ध17.8 mg
नागरमोथा17.8 mg
रसना17.8 mg
निर्गुन्डी17.8 mg
पुनर्नवा17.8 mg
सोंठ17.8 mg
मेथी17.8 mg
निशोद17.8 mg
शतावर17.8 mg
हल्दी17.8 mg
कुटकी17.8 mg
अजवायन3.6 mg
गोदंती भस्म17.8 mg
मुक्त शुकी भस्म17.8 mg
योगराज गुग्गुलु17.8 mg
प्रवाल पिष्टी – Praval Pishti3.6 mg
भावना द्रव्य3.6 mg
गिलोय1.8 mg
निर्गुन्डी71.6 mg
दशमूल35.7 mg

लाभ एवं उपयोग

यह औषधि इम्युनिटी बढाती हैं इसमें मौजूद जड़ी-बूटियां पूरी तरह से आयुर्वेदिक हैं जो जोड़ो का पोषण करने में सहायक हे जिससे हड्डिया मजबूत होती हैं और जोड़ो का दर्द पूरी तरह से कम हो जाता हैं।

पतंजलि पीड़ान्तक वटी जोड़ो में होने वाली जलन और और सूजन को कम करने में भी बहुत असरदार हैं।

हड्डियों और जोड़ो की अकडन को भी पतंजलि पीड़ान्तक वटी बहुत हद तक ठीक करती हैं, इसके अलावा यह शरीर के अन्य दर्दो की रोकथाम के लिए भी एक अच्छी औषधि हैं।

गठिये जैसा रोग बुढ़ापे में लोगो का चलना – फिरना तक मुश्किल कर देता हैं, इस औषधि के रोजाना सेवन करने से उससे भी निजात मिलती हैं ।

पतंजलि पीड़ान्तक वटी कमर में दर्द और मासपेशियो की तकलीफो के निवारण के लिए भी असरदार हैं ।

औषधीय मात्रा निर्धारण एवं व्यवस्था

पतंजलि पीड़ान्तक वटी का सेवन दिन में दो बार (एक-एक गोली) करना चाहिए एक बार दोपहर के खाने के बाद और दूसरा रात के खाने के बाद इसके अलावा इसे गर्म पानी या गर्म दूध के साथ खाना चाहिए। डॉक्टर के निर्देशानुर इसका सेवन करना बेहतर हैं। इसको लेने की कोई समय सीमा नही हैं रोजाना पतंजलि पीड़ान्तक वटी खाने से कई तकलीफो और शरीर के दर्दो से छुटकारा मिलता हैं।

दुष्प्रभाव

पतंजलि पीड़ान्तक वटी पूरी तरह से आयुर्वेदिक और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बनाई गयी हैं इसलिए इसके सेवन से कोई दुष्प्रभाब नही होता बस इसका सेवन दिए गए निर्देशो के अनुसार ही करना चाहिए और अगर इसके बाद भी कोई समस्या होती हैं तो डॉक्टर की अवश्य राय लेनी चाहिए। गर्भबती महिलाएं और स्तनपान करने वाली महिलायो को भी इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की राय लेनी चाहिए।

संदर्भ

  1. Divya Peedantak Vati
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