दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ

गुर्दे या किडनी और वृक्क का हमारे शरीर में काम होता हैं शरीर की गंदगी को छान कर उसे बाहर निकालना, इसके अलावा यह रक्तचाप को भी संतुलित रखता हैं और रक्त कोशिकायों को बनाता हैं। अगर गुर्दे में कोई समस्या हो तो उसका प्रभाव पुरे शरीर पर पड़ता हैं। दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ एक ऐसी औषधि हैं वृक्क या गुर्दे से सम्बंधित बीमारियों को दूर करने में सहायता करती हैं और गुर्दे और मूत्रप्रणाली को सही काम करने में मदद करती हैं। दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ पूरी तरह से आयुर्वेदिक हैं और इसको बनाने के लिए तरह तरह की जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता हैं।

घटक द्रव्य (Ingredients)

दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ निम्नलिखित घटको को मिला कर बनाया जाता हैं:

  • पाषाणभेद
  • गोखुरू
  • पुनर्नवमूल
  • कुल्थी
  • वरुण छाल
  • नीम
  • कुश
  • पित्तपापड़ा
  • कुटकी
  • धमासा
  • मकोय
  • अमलतास
  • शतबरी
  • विदारी

दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ के लाभ एवं उपयोग

पथरी को निकलने में सहायक

दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ गुर्दे की पथरी को गलाने और उसे इससे बाहर निकलने में मदद करता हैं। इस औषधि में पुनर्नवा, कुल्थी, अपामार्ग, वरुण छाल जैसे घातक होते हैं जो पथरी को शरीर से बाहर निकलने में उपयोगी हैं।इस औषधि के रोजाना सेवन से पथरी मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाती हैं।

शरीर की गंदगी को बाहर निकालती हैं

यह शरीर की गंदगी को असरदार तरीके से शरीर के बाहर निकलने में सहायक हैं।

मूत्र सम्बन्धी तकलीफो को दूर करता है

इसमें मौजूद जड़ी-बूटियां पेशाब में जलन,मूत्र प्रवाह में रूकावट या अत्यधिक मूत्र प्रवाह जैसी तकलीफो को कम करती हैं।

रक्तचाप को संतुलित रखने में सहायक

दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ रक्तचाप को संतुलित रखता हैं और इसमें पायी जानने वाली जड़ी बूटियां हार्मोन्स को भी संतुलित रखती हैं।

गुर्दे के सम्बन्धी रोगों में सहायक

यह गुर्दे की सूजन ,दर्द या संकमण को कम करने की ऐसी औषधि हैं जो सबसे असरकारक हैं। गुर्दे की पुरानी बीमारियों में भी यह औषधि लाभदायक और असरदायक हैं।

औषधीय मात्रा निर्धारण एवं व्यवस्था

400 मिलीलीटर पानी में एक चम्मच यानि (5 ग्राम) दिव्य कायाकल्प क्वाथ डाल कर उबाल लें और उसे तब तक पकाये जब तक की उसकी मात्रा 100 मिलीलीटर न हो जाये ,इसे छाने और फिर सुबह नाश्ते से पहले खाली पेट और रात के खाने से एक घंटे पहले इसका प्रयोग करे या डॉक्टर से सलाह ले कर इसका सेवन करें।

दुष्प्रभाव

दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ गुर्दे या वृक्क से सम्बंधित किसी भी रोग के लिए लाभदायक हैं ,इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नही हैं इसीलिए इसका प्रयोग कोई भी पीड़ित बताये गए निर्देशो के अनुसार ले सकता हैं और अगर इसके सेवन से कोई समस्या होती हैं तो डॉक्टर से सलाह लेनी आवश्यक हैं।

पूर्वोपाय

  • कसरत और सैर करनी चाहिए।
  • शरीर में पानी की कमी न हो इसलिए जितना हो सके उतना अधिक पानी पीना चाहिए और तरल प्रदार्थो का सेवन करना चाहिए।
  • त्वचा को सूरज की अत्यधिक गर्मी से बचाना चाहिए।
  • अपने कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखना चाहिए।
  • भोजन में नमक की अधिक मात्रा का सेवन नही करना चाहिए।
  • भोजन की संतुलित और सही मात्रा लेनी चाहिए।

About Dr. Jagdev Singh

डॉ जगदेव सिंह (B.A.M.S., M.Sc. Medicinal Plants) आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर है। वह आयुर्वेद क्लिनिक ने नाम से अपना आयुर्वेदिक चिकित्सालय चला रहे हैं।उन्होंने जड़ी बूटी, आयुर्वेदिक चिकित्सा और आयुर्वेदिक आहार के साथ हजारों मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया है।आयुर टाइम्स उनकी एक पहल है जो भारतीय चिकित्सा पद्धति पर उच्चतम स्तर की और वैज्ञानिक आधार पर जानकारी प्रदान करने का प्रयास कर रही है।

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