भस्म एवं पिष्टी

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म के लाभ, औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म एक आयुर्वेदिक-निस्तापित औषधि है जिसका निर्माण मुर्गी के अण्डों के छिलकों से किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, कुक्कुटाण्डत्वक भस्म सबसे अच्छा कैल्शियम पूरक है। अण्डों के छिलकों को चंगेरी के रस के साथ संसाधित किया जाता है और फिर भस्म बनाने के लिए उसका निस्तापन किया जाता है।

अण्डों के छिलकों को चंगेरी के रस के साथ संसाधित करने से उसकी अशुद्धियाँ और विषाक्त पदार्थ दूर हो जाते हैं, जिससे मानव उपभोग के लिए इसकी उपयुक्तता बढ़ जाती है। निस्तापन प्रक्रिया मानव शरीर में इसकी जैवउपलब्धता बढ़ाती है।

मूलभूत जानकारी

उपयोग की गयी कच्ची सामग्रीअंडे के छिलके
चिकित्सा का प्रकारनिस्तापित औषधि
आयुर्वेदिक नामकुक्कुटांडा त्वक भस्म, कुक्कुटाण्डत्वक भस्म
अंग्रेज़ी नामEggshell Calcium, Egg Shell Calx, Eggshell Bhasma
दुसरे नामत्वक भस्म, कुक्कुटंड भस्म

रासायनिक संरचना

मुर्गी के अंडे के कैल्शियम में शामिल है।

संघटक मात्रा
कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3)95%
कैल्शियम फॉस्फेट, मैग्नीशियम कार्बोनेट, प्रोटीन (घुलनशील और अघुलनशील) आदि।5%

अंडे के छिलकों में यूरोनिक एसिड और सियालिक एसिड भी पाए जाते हैं। उपरोक्त घटकों के अतिरिक्त कुक्कुटाण्डत्वक भस्म में कुछ हर्बल अवशेष भी होते हैं।

औषधीय गुण

संसाधित कुक्कुटाण्डत्वक भस्म में निम्नलिखित उपचार के गुण होते हैं।

  1. कैल्शियम पूरक
  2. दाहक विरोधी (जोड़ों और श्लेष्म झिल्ली पर क्रिया होती है)
  3. गठिया नाशक
  4. ह्रदय के लिए पुनरुत्थान
  5. कामोद्दीपक
  6. सौम्य हेमेटोजेनिक (लाल रक्त कोशिकाओं के गठन में मदद करता है)

आयुर्वेदिक गुण

रसमधुर, तिक्त
गुणलघु, मृदु
वीर्यऊष्ण
विपाकमधुर
प्रभावकायाकल्प करने वाला और पूरक
दोष कर्म (दोषों पर प्रभाव)कफ (Kapha Dosha) और वात (Vata Dosha) को शांत करता है
अंगों पर प्रभावहड्डियों, जोड़ों, प्रजनन अंगों (दोनों पुरुष और महिला के)

चिकित्सीय संकेत

संसाधित कुक्कुटाण्डत्वक भस्म स्वास्थ्य की निम्नलिखित स्थितियों में सहायक है।

मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों

  • अस्थि खनिज का निम्न घनत्व
  • अस्थिमृदुता
  • ऑस्टियोपोरोसिस
  • अस्थिसंधिशोथ

महिला स्वास्थ्य

  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द (महिलाओं में)
  • श्वेत प्रदर (योनिशोथ)
  • बार बार पेशाब आना
  • कमजोरी

पुरुष स्वास्थ्य

  • स्वप्न दोष

• शारीरिक कमजोरी

लाभ और उपयोग

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म हड्डी का द्रव्यमान बढ़ाता है, जोड़ों के दर्द से राहत प्रदान करता है और शारीरिक सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करता है। यहाँ कुक्कुटाण्डत्वक भस्म के कुछ औषधीय उपयोग और महत्वपूर्ण लाभ दिए गए हैं।

अस्थि खनिज निम्न घनत्व, अस्थिमृदुता और ऑस्टियोपोरोसिस

आयुर्वेद चिकित्सा (Ayurvedic Medicine) कुक्कुटाण्डत्वक भस्म हड्डी के खनिज घनत्व को बहाल करने में मदद करता है और ऑस्टियोपोरोसिस के कारण हड्डियों के टूटने को रोकता है। यह ऑस्टियोपोरोसिस और अस्थिमृदुता के उपचार में प्रभावी है। इस औषधि ने इन स्थितियों के उपचार में अच्छे परिणाम दिखाए गए हैं।

अस्थिसंधिशोथ

अस्थिसंधिशोथ और गठिया की अन्य स्थितियों में अण्डों के छिलकों के कैल्शियम को प्राकृतिक कैल्शियम पूरक के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसमें सौम्य दाह नाशक गुण होते हैं, जो सूजन को कम करने और दर्द से राहत प्रदान करने में मदद करते हैं।

आयुर्वेद में इसका प्रयोग निम्नलिखित औषधियो के साथ किया जाता है:

  1. Cissus Quadrangularis
  2. Ashwagandha
  3. Abhrak Bhasma
  4. Mukta Shukti Bhasma
  5. Godanti Bhasma
  6. Yashad Bhasma
  7. Arjuna
  8. Amla

श्वेत प्रदर (योनिशोथ)

आयुर्वेदिक चिकित्सक श्वेत प्रदर के उपचार के लिए कुक्कुटाण्डत्वक भस्म का उपयोग करते हैं। यह सफेद निर्वहन और श्लेष्म झिल्ली की सूजन को कम कर देता है।

बार बार पेशाब आना

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म के साथ चन्द्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati) बार बार पेशाब होने में मदद करता है। यह रात में पेशाब आने को कम कर देता है और मूत्राशय की संरचनाओं को मजबूत करके उसके कार्यों को बेहतर बनाता है।

खुराक

न्यूनतम प्रभावी मात्रा125 मिलीग्राम *
मध्यम खुराक (वयस्क)125 मिलीग्राम से 500 मिलीग्राम *
मध्यम खुराक (बच्चे)125 मिलीग्राम से 250 मिलीग्राम *
अधिकतम संभावित खुराक1000 मिलीग्राम **

* एक दिन में दो बार ** एक दिन में तीन बार

दुष्प्रभाव

संसाधित अण्डों के छिलकों का कैल्शियम या कुक्कुटाण्डत्वक भस्म अधिकतर लोगों में सहनीय और सुरक्षित है। अण्डों के छिलकों के कैल्शियम या कुक्कुटाण्डत्वक भस्म के 3 से 6 महीनों के नियमित उपयोग के साथ कोई महत्वपूर्ण दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है। इसलिए, हम यह मान सकते हैं कि यह दीर्घकालिक और नियमित उपयोग के लिए सुरक्षित है।

संदर्भ

  1. Kukkutandatvak Bhasma – AYURTIMES.COM

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Dr. Jagdev Singh

डॉ जगदेव सिंह (B.A.M.S., M.Sc. Medicinal Plants) आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर है। वह आयुर्वेद क्लिनिक ने नाम से अपना आयुर्वेदिक चिकित्सालय चला रहे हैं।उन्होंने जड़ी बूटी, आयुर्वेदिक चिकित्सा और आयुर्वेदिक आहार के साथ हजारों मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया है।आयुर टाइम्स उनकी एक पहल है जो भारतीय चिकित्सा पद्धति पर उच्चतम स्तर की और वैज्ञानिक आधार पर जानकारी प्रदान करने का प्रयास कर रही है।

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