जड़ी बूटी, आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी दवाओं के बारे में हिंदी में जानें

चंद्रप्रभा वटी

चंद्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati) को चंद्रप्रभा गुलिका और चंद्रप्रभा वाटिका भी कहा जाता है। यह एक अति उत्कृष्ट आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रभाव गुर्दे, मूत्राशय, मूत्र पथ, अग्न्याशय, हड्डियों, जोड़ों और थायरॉयड ग्रंथि आदि अंगों पर पड़ता है। इसका प्रयोग इन अंगों से संबंधित रोगों के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है। इसकी सिफारिश मधुमेह, पुरुषों की…
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गाजर का अर्क

गाजर का अर्क (Gajar Ka Ark – Carrot Distillate) गाजर, गावजवाँ,  गावजवाँ के फूल, सफ़ेद चन्दन, तोदरी लाल और बहमन सफ़ेद से बनाया जाता है। यह हृदय के लिये हितकारी है और दिल को बल प्रदान करता है। यह दिल की धड़कन की वृद्धि को कम करता है। शरीर को बल देता है और निर्बलता दूर करता है। यह भूख को बढ़ाता है और मूत्र को साफ करता है। यह श्वसन सम्बंधित विरकारों को दूर…
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किरातादि अर्क

किरातादि अर्क (Kiratadi Arq) का प्रयोग ज्वर (बुखार) के इलाज के लिए किया जाता है। यह बुखार कम करने अर्थात उतारने के काम आता है।  यह अर्क विषमज्वर, एक दिन के बाद आने वाला ज्वर, दो दिन के बाद आने वाला ज्वर, तीन दिन के बाद आने वाला ज्वर और चार दिन के बाद आने वाला ज्वर आदि में प्रयोग किया जाता है। इसको प्रवाल पिष्टी के साथ मिलकर दिया जाता है। यह दोनों…
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सौंफ के अद्भुत फायदे, प्रयोग, गुण-कर्म, सेवन विधि और दुष्प्रभाव के बारे में जानें

सौंफ एक बहुत सुगन्धित द्रव्य है और इसमें उड़नशील तेल पाया जाता है जो इसके औषधीय गुणों के लिए उत्तरदायी है। यह भोजन में एक विशिष्ट सुगंध लाता है जिस के कारण इसका अक्सर भारतीय खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाता है। सौंफ़ बीज स्वाद में मधुर किंचित कटु और तिक्त है। इसमें कई पोषक तत्व, खनिज और विटामिन है जो स्वास्थ्य लाभदायक है। यह अपचन को दूर करती है और…
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हमदर्द सिंकारा सिरप

हमदर्द सिंकारा सिरप (Hamdard Cinkara Syrup) एक मल्टीविटामिन सिरप व टॉनिक है जिस में विटामिन और खनिज के अलावा कुछ हर्बल द्रव्य भी मौजूद है। यह बीमारी के बाद होने वाली दुर्बलता में लाभदायक है और शरीर को बल प्रदान करती है। यह शरीर की कमजोरी को दूर करती है और सामान्य स्वास्थ्य को सुधारती है। रोगों से लड़ने की शक्ति में भी सुधार करती है। घटक द्रव्य…
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त्रिफला चूर्ण लाभ, उपयोग, खुराक और दुष्प्रभाव

त्रिफला अथवा त्रिफला चूर्ण एक आयुर्वेदिक हर्बल औषधि है जिसमें तीन प्रकार के फलों का चूर्ण होता हैं। इसके समान मात्रा में आमला, बहेड़ा और हरड़ होते है। त्रिफले का प्रयोग चूर्ण, गोलियों और सत्त कैप्सूल्स के रूप में किया जाता है। यह कब्ज, वजन घटाने, पेट की चर्बी को कम करने, शरीर शोधन, अपच और पेट की समस्याओं में लाभ देता है। घटक (संरचना) त्रिफला चूर्ण…
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अलसी के बीज लाभ, उपयोग, मात्रा और दुष्प्रभाव

अलसी बीज, जिसको फ्लैक्स सीड्स (flax seeds) के नाम से भी जाना जाता है, हृदय रोग, पाचन रोग, कैंसर और मधुमेह में लाभप्रद होते हैं। अलसी के बीज दुनिया के प्रसिद्ध सुपर खाद्य पदार्थों में से एक है। यह बीज बहुत ही पौष्टिक होते हैं और कई बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं। यह आवश्यक फैटी एसिड ओमेगा -3 से भरपूर होते हैं। अलसी बीजों में भरपूर मात्रा में…
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पुनर्नवा अर्क (Punarnava Ark)

पुनर्नवा अर्क (Punarnava Ark) जिगर (लीवर), गुर्दे (किडनी) और मूत्राशय के लिए एक लाभकारी आयुर्वेदिक औषधि है। हालांकि, इसका मुख्य रूप से शोथ व सूजन कम करने के लिए प्रयोग किया जाता है। पर यह जिगर के रोग जैसे पीलिया, जिगर शोथ और जिगर वृद्धि आदि के इलाज के लिए एक प्रवाभी दवा है। यह समस्त शरीर में होने वाली सूजन और शोथ को कम करती है। इसमें मूत्रल गुण…
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सौंफ का अर्क

सौंफ का अर्क (Saunf Arq) पाचक होता है। यह पाचन शक्ति में सुधार लाता है और भूख को सामान्य करता है। इसका प्रयोग आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सक पेट के रोगों के लिए करते है।  यह दाह कम करता है और उदर में बने आम विष को शरीर से बाहर निकालता है। इसका छर्दि (vomiting) रोग में उपयोग किया जाता है। यह उबाक कम करता है और छर्दि का इलाज करता है। इसके इलावा, यह…
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बाल बन्धु अर्क

बाल बन्धु अर्क का प्रयोग बालकों के उदार रोगों के उपचार के लिए किया जाता है। यह आमाशय  में पाचन रसों का स्त्राव करता है और भूख बढ़ाता है। यह उदर शूल, अपचन, मंदाग्नि, कब्ज, जुकाम आदि में लाभदायक है। घटक द्रव्य एवं निर्माण विधि बालबन्धु अर्क में निम्नलिखित घटक द्रव्यों (Ingredients) है: घटक द्रव्यों के नाम मात्रा कलीचूना 24 ग्राम मिश्री 48 ग्राम औष जल…
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