हमदर्द सिंकारा सिरप

हमदर्द सिंकारा सिरप (Hamdard Cinkara Syrup) एक मल्टीविटामिन सिरप व टॉनिक है जिस में विटामिन और खनिज के अलावा कुछ हर्बल द्रव्य भी मौजूद है। यह बीमारी के बाद होने वाली दुर्बलता में लाभदायक है और शरीर को बल प्रदान करती है। यह शरीर की कमजोरी को दूर करती है और सामान्य स्वास्थ्य को सुधारती है। रोगों से लड़ने की शक्ति में भी सुधार करती है। घटक द्रव्य…
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त्रिफला चूर्ण लाभ, उपयोग, खुराक और दुष्प्रभाव

त्रिफला अथवा त्रिफला चूर्ण एक आयुर्वेदिक हर्बल औषधि है जिसमें तीन प्रकार के फलों का चूर्ण होता हैं। इसके समान मात्रा में आमला, बहेड़ा और हरड़ होते है। त्रिफले का प्रयोग चूर्ण, गोलियों और सत्त कैप्सूल्स के रूप में किया जाता है। यह कब्ज, वजन घटाने, पेट की चर्बी को कम करने, शरीर शोधन, अपच और पेट की समस्याओं में लाभ देता है। घटक (संरचना) त्रिफला चूर्ण…
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अलसी के बीज लाभ, उपयोग, मात्रा और दुष्प्रभाव

अलसी बीज, जिसको फ्लैक्स सीड्स (flax seeds) के नाम से भी जाना जाता है, हृदय रोग, पाचन रोग, कैंसर और मधुमेह में लाभप्रद होते हैं। अलसी के बीज दुनिया के प्रसिद्ध सुपर खाद्य पदार्थों में से एक है। यह बीज बहुत ही पौष्टिक होते हैं और कई बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं। यह आवश्यक फैटी एसिड ओमेगा -3 से भरपूर होते हैं। अलसी बीजों में भरपूर मात्रा में…
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पुनर्नवा अर्क (Punarnava Ark)

पुनर्नवा अर्क (Punarnava Ark) जिगर (लीवर), गुर्दे (किडनी) और मूत्राशय के लिए एक लाभकारी आयुर्वेदिक औषधि है। हालांकि, इसका मुख्य रूप से शोथ व सूजन कम करने के लिए प्रयोग किया जाता है। पर यह जिगर के रोग जैसे पीलिया, जिगर शोथ और जिगर वृद्धि आदि के इलाज के लिए एक प्रवाभी दवा है। यह समस्त शरीर में होने वाली सूजन और शोथ को कम करती है। इसमें मूत्रल गुण…
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सौंफ का अर्क

सौंफ का अर्क (Saunf Arq) पाचक होता है। यह पाचन शक्ति में सुधार लाता है और भूख को सामान्य करता है। इसका प्रयोग आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सक पेट के रोगों के लिए करते है।  यह दाह कम करता है और उदर में बने आम विष को शरीर से बाहर निकालता है। इसका छर्दि (vomiting) रोग में उपयोग किया जाता है। यह उबाक कम करता है और छर्दि का इलाज करता है। इसके इलावा, यह…
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उदरामृत योग

उदरामृत योग एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रयोग उदर विकार, यकृत विकार, प्लीहा विकार और गर्भाशय विकार आदि के उपचार के लिए किया जाता है। यह यकृत से पित्त का स्राव करता है और पाचन क्रिया सुधारता है।  यह पुराणी कब्ज में भी लाभदायक है। यह आंत्र की क्रिया को ठीक कर मल आगे सरकाने में मदद करता है। यह उदर शूल (पेट दर्द), गैस, मंदाग्नि, आदि के इलाज के लिए भी…
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बाल बन्धु अर्क

बाल बन्धु अर्क का प्रयोग बालकों के उदार रोगों के उपचार के लिए किया जाता है। यह आमाशय  में पाचन रसों का स्त्राव करता है और भूख बढ़ाता है। यह उदर शूल, अपचन, मंदाग्नि, कब्ज, जुकाम आदि में लाभदायक है। घटक द्रव्य एवं निर्माण विधि बालबन्धु अर्क में निम्नलिखित घटक द्रव्यों (Ingredients) है: घटक द्रव्यों के नाम मात्रा कलीचूना 24 ग्राम मिश्री 48 ग्राम औष जल…
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काला नमक (Black Salt)

काला नमक को हिमालयन काला नमक और ब्लैक साल्ट कहते हैं। यह खनिज नमक का एक प्रकार है जो आम तौर पर गहरे लाली लिए हुए काले रंग का होता है। इसमें से तीखी और सल्फर जैसी गंध आती है। चूर्ण के रूप में यह गुलाबी भूरा या हलके बैंगनी रंग का होता है। आयुर्वेद में काले नमक का औषधीय महत्व है। यह बहुत से आयुर्वेदिक दवाओं  का एक महत्वपूर्ण घटक द्रव्य है। ज्यादातर यह…
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शंखपुष्पी सिरप (Shankhpushpi Syrup) घटक द्रव्य, संकेत, प्रयोग एवं लाभ, मात्रा, दुष्प्रभाव

शंखपुष्पी सिरप (Shankhpushpi Syrup) स्मृति और मस्तिष्क शक्ति को बढ़ाने के लिए एक आयुर्वेदिक टॉनिक है। यह मस्तिष्क को बल प्रदान करता है और मन को शांत करता है। इसका प्रयोग टॉनिक रूप में मानसिक कमजोरी, भूलने की बीमारी, स्मृति हानि, कम प्रतिधारण शक्ति आदि में किया जाता है। शंखपुष्पी सिरप का मुख्य प्रभाव मस्तिष्क और तंत्रिकाओं पर होता हैं। यह मन को शांत…
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सौंफ के स्वास्थ्य लाभ, मात्रा, दुष्प्रभाव और प्रयोग विधि

सौंफ (Saunf) भारत की एक प्रसिद्ध खाद्य योजक है जिसका प्रयोग न केवल भोजन में हालाँकि औषधि के रूप में भी किया जाता है। आयुर्वेद में इसके कई विशेष गुणों का वर्णन किया गया है। सौंफ को इंग्लिश में फेंनेल सीड (Fennel Seeds) कहा जाता है और यह Foeniculum Vulgare पौधे के यह बीज होते है। सौंफ़ सुगन्धित और स्वादिष्ट सूखे बीज होते हैं। यह शानदार स्वाद प्रदान…
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