भगन्दर रोग और इस के लक्षण, कारण, जाँच और निदान

Bhagandar Rog

भगन्दर गुद प्रदेश में होने वाला एक नालव्रण है जो भगन्दर पीड़िका (abscess) से उत्पन होता है। इसे इंग्लिश में फिस्टुला (Fistula-in-Ano) कहते है। यह गुद प्रदेश की त्वचा और आंत्र की पेशी के बीच एक संक्रमित सुरंग का निर्माण करता है जिस में से मवाद का स्राव होता रहता है। यह बवासीर से पीड़ित लोगों में अधिक पाया जाता है। …

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पिष्टी परिभाषा, अवधारणा, बनाने की विधि, भावना द्रव्य, पिष्टी के लक्षण, विशेषता और संरक्षण

पिष्टी परिभाषा

पिष्टी परिभाषा औषधि योग्य शुद्ध पदार्थ का महीन चूर्ण कर गुलाब जल आदि तरल पदार्थ में नम करके खरल कर बनाई गई औषधियों को पिष्टी कहा जाता है। पिष्टी को औषधि योग्य शुद्ध पदार्थ का महीन चूर्ण बनाकर तरल पदार्थ के साथ सूर्य या चन्द्रमा की रोशनी में बनाया जाता है। इन्हें अनग्निपुटा भस्म भी कहा जाता है क्योंकि यह बिना …

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गिलोय घन वटी घटक द्रव्य, औषधीय कर्म, उपयोग, लाभ, मात्रा तथा दुष्प्रभाव

गिलोय घन वटी

गिलोय घन वटी सभी प्रकार के बुखार में फद्येमंद होती है। खासकर इसका प्रयोग रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने के लिए किया जाता है। चरक संहिता में गिलोय को मेध्य रसायन माना है। रसायन होने के कारण यह बुद्धिवर्धक और आयुवर्धक है। इसका प्रयोग चिरकालीन और जीर्ण रोगावस्था में अधिक होता है। और इन रोगों में यह अच्छा प्रभाव डालती …

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च्यवनप्राश

च्यवनप्राश

च्यवनप्राश आयुर्वेद में एक रसायन के रूप में जाना जाता है। रसायन का अर्थ है कि यह रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है, बुढापे को विलंबित करता है और बहुत से रोगों की रोकथाम करता है। इसलिए इसको आयुर्वेद में एक सब से उत्तम स्वास्थ्य सप्लीमेंट की तरह प्रयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त यह बहुत से जीर्ण रोगों के इलाज …

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नारियल तेल के फायदे

नारियल तेल

नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है।  नारियल के बहुत से लाभ हैं। नारियल तेल का उपयोग न केवल खाने में किया जाता है बल्कि इसका उपयोग और कई कामों में भी किया जाता है। नारियल तेल के बहुत से गुणकारी लाभ हैं।  नारियल के तेल का उपयोग स्वास्थ्य के साथ-साथ सुंदरता के लिए भी किया जाता है। नारियल के …

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सेब के सिरके के अदभुत स्वास्थ्य लाभ

सेब का सिरका एक तरल पर्दाथ है जिसका रंग भूरा होता है। यह सेबों के खमीर उठने से बनता हैं इसमें बहुत से पोस्टिक तत्ब पाये जाते है जो मनुष्य की अनेक प्रकार की बिमारियों को दूर करने में सहायक हैं जैसे कि गैंठीयां, थकाबट, मोटापा इत्यादि। यह मनुष्य की पाचन किर्या को तेज करने में भी बहुत सहायक है। …

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अलसी के लड्डू के लाभ और विधि

अलसी औषधीय गुणों से भरपूर है जोकि कई तरह की बिमारियों का उपचार करने के लिए फायदेमंद है। सर्दी में अलसी के लड्डू खाना अत्यंत फायदेमंद है. अलसी के लड्डू त्यार करने की विधि अलसी के लड्डूयों को त्यार करने की विधि बहुत ही आसान है। लड्डूयों को त्यार करने के लिए आपके पास यह मह्त्बपूर्ण सामग्री होना जरूरी है। …

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ह्रदय रोग दूर करने के घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे

हृदय रोग एक जानलेवा बीमारी है जो आजकल बहुत से लोगों में बढ़ रही हैं। विश्व में लगभग 30% लोग हृदय रोग से पीड़ित है। भारत में हर साल बहुत से लोगों की मौत दिल के रोगों से हो रही है। हृदय रोगों का मुख्य कारण कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, तनाव, धूम्रपान इत्यादि है। अगर आप भी हृदय की बीमारी से …

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नीलवम्बू कुदिनीर (नीलवम्बू कषायं)

नीलवम्बू कुदिनीर - नीलवम्बू कषायं हिंदी में

नीलवम्बू कुदिनीर (Nilavembu Kudineer) को नीलवम्बू कषायं (Nilavembu Kashayam) भी कहा जाता है। यह एक सिद्ध चिकित्सा में ज्वर (बुखार) और ज्वर के कारण होने वाले शरीर के दर्द में प्रयुक्त होने वाली एक औषधि है। यह विषाणु संक्रमण (वायरल इन्फेक्शन), चिकनगुनिया और डेंगू फीवर के उपचार और रोकथाम के लिए लाभदायक है। विशेष रूप से यह बुखार के साथ …

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बीजीआर 34 शुगर ( मधुमेह) के लिए

भारत में ५० लाख से आधिक लोग टाइप-२ मधूमेह रोग से ग्रसित हैं l भारत को मधूमेह की राजधामनी के नाम से भी जाना जाता है l सामान्य शब्दों में टाइप-१ मधूमेह इन्सुलिन के अपर्याप्त उत्पादन एवम स्त्राव के कारन होता है जबकि टाइप-२ मधूमेह इन्सुलिन के दोषपूर्ण प्रतिक्रिया के कारन होता है l आधुनिक मधूमेह औषिधियों के दुष्प्रभाव एवम …

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