शुद्ध शिलाजीत (शिलाजतु) – एक शक्तिवर्धक और ऊर्जावर्धक आयुर्वेदिक रसायन

शिलाजीत

शुद्ध शिलाजीत (शिलाजतु) एक शक्तिवर्धक और ऊर्जावर्धक आयुर्वेदिक रसायन औषधि है जिस में कई तरह के पोषक तत्त्व पाए जाते है। यह पोषक तत्त्व शारीर के विकास के लिए और व्यक्ति को स्वस्थ रखने ले लिए लाभदायक है। यह आयुर्वेदिक मत अनुसार कफ दोष (Kapha Dosha) और वात दोष (Vata Dosha) …

Read More »

रसायन (कायाकल्प चिकित्सा) एवं रसायन औषधियों

रसायन - कायाकल्प चिकित्सा

रसायन उस चिकित्सा का नाम है जो शारीर में जीवनीय तत्त्वों को बढ़ाता है और व्यक्ति को बल, वीर्य, ऊर्जा, और ओज से परिपूर्ण करता है। रसायन सेवन से व्यक्ति की जीवनीय शक्ति बढ़ती है, आयु लंबी होती है और वह सदा स्वस्थ जीवन  बतीत करता है। रसायन आयुर्वेद की …

Read More »

आयुर्वेद विज्ञान – Ayurveda

आयुर्वेद

आयुर्वेद वह विज्ञान है जो जीवन के लिए हितकारी और अहितकारी, पथ्य और अपथ्य, जीवन जीने की शैली, रोगों से बचाव के तरीके और रोगों के उपचार के उपायों का ज्ञान कराता है। आयुर्वेद (Ayurveda) शब्द दो शबदो से मिल कर बना हैं “आयुर+वेद” जिसमे अयूर का मतलव हैं जीवन …

Read More »

झंडू पंचारिष्ट (Zandu Pancharishta) के लाभ, उपयोग, मात्रा तथा दुष्प्रभाव के बारे में जानें।

झंडू पंचारिष्ट

झंडू पंचारिष्ट (Zandu Pancharishta) पाचन संबंधी रोगों और पेट की बीमारियों के लिए एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है। यह पाचन तंत्र के कार्यों में सुधार लाती है और भूख बढ़ाती है। यह पेट की गैस, पेट फूलना, उदर विस्तार और पेट के भारीपन को दूर करती है। इस में मौजूद …

Read More »

भगन्दर (Bhagandar – fistula-in-ano) का देसी इलाज (घरेलू उपचार और नुस्खे)

Bhagandar Rog

भगन्दर (Fistula-in-Ano) एक जटिल रोग है जिसमे मरीज़ को काफी पीड़ा सहन करनी पड़ती है। इस में सबसे जरूरी है, इसकी पहचान और चिलित्सा सही समय पर हो जाये। इस लेख में हम जानेगे कि भगन्दर से पीड़ित रोगी को क्या खाना चाहीहे और कौन से घरेलू उपचार वा नुस्खे भगन्दर रोगी के …

Read More »

स्वर्ण भस्म (Swarna Bhasma in Hindi)

स्वर्ण भस्म

स्वर्ण भस्म (Swarna Bhasma) आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधि है जो रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाती है और बहुत से जीर्ण रोगों के इलाज के लिए उपयुक्त दवा है। स्वर्ण भस्म वात (Vata),पित्त (Pitta), और कफ (Kapha) के समस्त रोगों में ख़ास तौर पर पित्त प्रधान रोगों यह विशेष लाभकारी है। यह त्वचा के वर्ण को सुधारती है, …

Read More »

भस्म परीक्षा – उत्तम भस्म की गुणवत्ता नियंत्रण के मानक

Bhasma Pariksha

भस्म की गुणवत्ता की परीक्षा (bhasma standardization and quality tests) के लिए आयुर्वेद में बहुत से उपायो का वर्णन किया गया है। इस पोस्ट में हम इस के बारे में जाने गे। भस्म, धातु या खनिज और जड़ी-बूटियों के अर्क से तैयार एक अद्वितीय आयुर्वेदिक उत्पाद है जिसे भारतीय उपमहाद्वीप में …

Read More »

आयुर्वेदिक भस्म और इस की सूची

आयुर्वेदिक भस्म

आयुर्वेद में भस्म, एक ऐसा पदार्थ जिसे पकाकर (निस्तापन) प्राप्त किया गया, के रूप में परिभाषित किया गया है। भस्म (जलाये जाने के बाद बचा अवशेष या जल कर राख कर देने के बाद बची सामग्री) और पिष्टी (बारीक पीसी हुई मणि या धातु) को आयुर्वेद में जड़ी बूटियों के …

Read More »

भगन्दर रोग और इस के लक्षण, कारण, जाँच और निदान

Bhagandar Rog

भगन्दर गुद प्रदेश में होने वाला एक नालव्रण है जो भगन्दर पीड़िका (abscess) से उत्पन होता है। इसे इंग्लिश में फिस्टुला (Fistula-in-Ano) कहते है। यह गुद प्रदेश की त्वचा और आंत्र की पेशी के बीच एक संक्रमित सुरंग का निर्माण करता है जिस में से मवाद का स्राव होता रहता है। …

Read More »

पिष्टी परिभाषा, अवधारणा, बनाने की विधि, भावना द्रव्य, पिष्टी के लक्षण, विशेषता और संरक्षण

पिष्टी परिभाषा

पिष्टी परिभाषा औषधि योग्य शुद्ध पदार्थ का महीन चूर्ण कर गुलाब जल आदि तरल पदार्थ में नम करके खरल कर बनाई गई औषधियों को पिष्टी कहा जाता है। पिष्टी को औषधि योग्य शुद्ध पदार्थ का महीन चूर्ण बनाकर तरल पदार्थ के साथ सूर्य या चन्द्रमा की रोशनी में बनाया जाता है। …

Read More »