भृंगराजासव के लाभ, औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

भृंगराजासव पेट और यकृत पर क्रिया करके भूख बढ़ाता है। यह यकृत कार्यों में सुधार करता है और चयापचय दर को बढ़ाता है। यह…

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म के लाभ, औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म एक आयुर्वेदिक-निस्तापित औषधि है जिसका निर्माण मुर्गी के अण्डों के छिलकों से किया जाता है।…

पनविरलादि भस्म के लाभ, औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

पनविरलादि भस्म गंजी (पनविरलादि भस्मम) सहस्रयोगम में शोफ और जलोदर के उपचार के लिए वर्णित एक आयुर्वेदिक औषधि है।…

टंकण भस्म (सुहागा) के लाभ, औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

टंकण भस्म (सुहागा) एक निस्तापित आयुर्वेदिक यौगिक है जिसका निर्माण सुहागा पाउडर से किया जाता है। आयुर्वेद में टंकण…

श्रृंग भस्म के लाभ, औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

श्रृंग भस्म एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग कफ निस्सारक के रूप में किया जाता है। श्रृंग भस्म के कफ निस्सारक गुण…

प्रवाल पिष्टी एवं प्रवाल भस्म के गुण, लाभ और औषधीय उपयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

आयुर्वेदिक चिकित्सा में प्रवाल पिष्टी का उपयोग उसके चिकित्सीय लाभ और औषधीय मूल्य के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता…

कपर्दक भस्म (वराटिका भस्म) के लाभ, औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

कपर्दक भस्म (जिसे कपर्दिका भस्म, कोरी भस्म, वराटिका भस्म और कौड़ी भस्म के नाम से भी जाना जाता है) एक आयुर्वेदिक…