आयुर्वेदिक प्रोप्राइटरी मेडिसिन

पतंजलि आरोग्य वटी (Arogya Vati)

पतंजलि आरोग्य वटी या दिव्य आरोग्य वटी (Patanjali Arogya Vati or Divya Arogya Vati) रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने के लिए एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है। कई रोगाणु हमारे शरीर पर हमला कर के इस को बीमार करने का काम करते हैं और अगर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हैं तो आप जल्दी ही बीमार हो सकते हैं।

आरोग्य वटी रोगों से बचाने में सहायक हैं। इसके अलावा यह किसी भी तरह के संक्रमण की रोकथाम के लिए भी उपयोगी है। यह औषधि श्वसन संक्रमण से पीड़ित रोगियों के लिए भी लाभदायक हैं। दिव्य आरोग्य वटी में मौजूद जड़ी-बूटियां शरीर में खून की कमी, अपच, कब्ज, बुखार, लीवर से संबंधित रोग, पीलिया और मोटापा जैसी बिमारियों में भी बहुत लाभदायक हैं।

आरोग्य वटी के घटक

पतंजलि आरोग्य वटी निम्नलिखित घटकों को मिल कर बनाये गए है :

घटक द्रव्यों के नाममात्रा
गिलोय एक्सट्रेक्ट250 मिलीग्राम
नीम एक्सट्रेक्ट125 मिलीग्राम
तुलसी एक्सट्रेक्ट125 मिलीग्राम

औषधीय कर्म (Medicinal Actions)

पतंजलि आरोग्य वटी में निम्नलिखित औषधीय गुण है:

  1. रोग प्रतिरोधक शक्ति वर्धक
  2. शोथहर
  3. कासहर
  4. श्वासहर
  5. श्लेष्मपूतिहर
  6. अनुलोमन
  7. कृमिघ्न
  8. पितसारक
  9. प्लीहवृद्धिहर
  10. यकृतवृद्धिहर
  11. जीवाणु नाशक
  12. ओजोबर्धक
  13. कुष्ठघन
  14. ज्वरघ्न
  15. रक्त प्रसाधन
  16. प्रतिउपचायक – एंटीऑक्सीडेंट

चिकित्सकीय संकेत (Indications)

आरोग्य वटी निम्नलिखित व्याधियों में लाभकारी है:

  • क्षीण प्रतिरोधक क्षमता में कमी
  • बार बार होने वाले संक्रमण
  • सर्दी जुकाम
  • ज्वर या बुखार
  • चर्म रोग
  • त्रिदोष असंतुलन
  • सभी प्रकार के इन्फेक्शन में सहायक औषधि के रूप में

औषधीय लाभ एवं प्रयोग (Benefits & Uses)

आरोग्य वटी में सभी घटकों का इम्युनिटी पर प्रभाव पड़ता है। प्रत्येक घटक के प्रभाव का प्रदर्शन करने के लिए यहाँ कुछ महत्वपूर्ण लाभ लिखे हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity ) बढ़ने के लिए

आरोग्य वटी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का सबसे अच्छा उपाय हैं। यह औषधि रोगों से बचाती हैं और इसके अलावा यह सभी उम्र के लोगो की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए लाभदायक हैं। आरोग्य वटी सभी प्रकार के संक्रमण से भी बचाती हैं।

सर्दी, खांसी, जुकाम और पुराने बुखार में लाभदायक

आरोग्य वटी में मौजूद जड़ी-बूटियां रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती हैं जिससे सर्दी, खांसी और पुराने बुखार में राहत मिलती हैं। खास कर यह सर्दियों के मौसम में अतिउपयोगी है। यह श्वसन संक्रमण से पीड़ित लोगो के लिए भी एक उपयोगी औषधि है।

लीवर के लिए उपयोगी

आरोग्य वटी लीवर की रक्षा करता हैं और उसे सही से काम करने में सहायक हैं। इसी वजह से पीलिया जैसी बिमारियों की रोकथाम में भी सहायता मिलती हैं। यह आंतो को भी ताकत देती हैं। पाचन क्रिया सही रखती हैं जिससे खाना सही से पचता हैं।

त्वचा के रोगों के लिए

आरोग्य वटी त्वचा के रोगों के छुटकारा दिलाने में सहायक हैं खास कर त्वचा के संक्रमण को रोकती हैं। चमड़ी की बीमारियां, खारिश, त्वचा का संक्रमण, पीप वाले फोड़े-फुंसियों से राहत देने के लिए आरोग्य वटी बहुत ही अच्छा उपाय हैं।

मात्रा एवं सेवन विधि (Dosage)

आरोग्य वटी की सामान्य औषधीय मात्रा  व खुराक इस प्रकार है:

औषधीय मात्रा (Dosage)

बच्चे1 गोली
वयस्क1 से 2 गोली

सेवन विधि

दवा लेने का उचित समय (कब लें?)सुबह और शाम
दिन में कितनी बार लें?2 बार
अनुपान (किस के साथ लें?)गुनगुने पानी
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें)कम से कम 3 महीने

आप के स्वास्थ्य अनुकूल आरोग्य वटी की उचित मात्रा के लिए आप अपने चिकित्सक की सलाह लें।

दुष्प्रभाव (Side Effects)

यदि पतंजलि आरोग्य वटी का प्रयोग व सेवन निर्धारित मात्रा (खुराक) में चिकित्सा पर्यवेक्षक के अंतर्गत किया जाए तो आरोग्य वटी के कोई दुष्परिणाम नहीं मिलते।

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Dr. Jagdev Singh

डॉ जगदेव सिंह (B.A.M.S., M.Sc. Medicinal Plants) आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर है। वह आयुर्वेद क्लिनिक ने नाम से अपना आयुर्वेदिक चिकित्सालय चला रहे हैं।उन्होंने जड़ी बूटी, आयुर्वेदिक चिकित्सा और आयुर्वेदिक आहार के साथ हजारों मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया है।आयुर टाइम्स उनकी एक पहल है जो भारतीय चिकित्सा पद्धति पर उच्चतम स्तर की और वैज्ञानिक आधार पर जानकारी प्रदान करने का प्रयास कर रही है।

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