आयुर्वेद

पित्त प्रकृति के शारीरिक और मानसिक लक्षण एवं सामान्य समस्याऐं

शारीरिक गठन में पित्त दोष की प्रबलता को पित्त प्रकृति (पित्तज प्रकृति) या पित्त शारीरिक प्रकार कहा जाता है। इसे पित्त गठन के रूप में भी जाना जाता है।

पित्त प्रकृति के लक्षण

पित्त दोष के गुण आपकी शारीरिक और मानसिक विशेषताओं का निर्धारण करते हैं।

इशत स्निग्ध (थोड़ा चिपचिपा या तैलीय)नरम त्वचा, नाजुक चेहरा, थोड़ी तैलीय त्वचा और थोड़े तैलीय बाल, जो आपकी त्वचा को पर्याप्त रूप से चिकना कर देते हैं, जोड़ों की निर्विघ्ऩ संचालन, बालों का झड़ना, मुँहासे, गंजापन
ऊष्ण (गर्म)मजबूत पाचन क्षमता, गर्म शरीर, लाल तालू, लाल होंठ, लाल जीभ, जलन, मुंह में छाले, अति अम्लता, क्रोध और चिड़चिड़ाहट
तीक्ष्ण (तीव्र या गतिशील शक्ति)तेज, प्रतिभाशाली, बुद्धिमान मस्तिष्क, बहुत अच्छी क्षुधा, बहुत अच्छा पाचन, तेज दृष्टि और दृष्टिकोण, तार्किक विचार, चित्त की दृढ़ता
द्रव (तरल या द्रव)पर्याप्त आमाशय रस, पित्त का पर्याप्त स्राव, अत्यधिक पसीना आना, और रक्तस्राव विकार
अम्ल (खट्टा)अच्छा पाचन, गैस्ट्रिक एसिड का उपयुक्त स्राव, जलन, मुँह का खट्टा स्वाद, अम्ल प्रतिवाह
कटु (तीखा)उच्च चयापचय दर और पाचक

पित्त प्रकृति के शारीरिक लक्षण

  1. मध्यम शारीरिक गठन
  2. मध्यम शारीरिक शक्ति
  3. औसत रूप
  4. तीखी लेकिन स्पष्ट आवाज
  5. पीलापन या लालिमा लिए हुए गोरा रंग
  6. औसत चलने की गति
  7. माथा मध्यम
  8. छाती मध्यम
  9. मध्यम आँखें
  10. पीले या गुलाबी रंग के साथ श्वेतपटल नेत्र
  11. पलकें कम और पतली दिखाई देती है, लेकिन सूखी नहीं
  12. जीभ लाल दिखाई देती है
  13. दन्त संरेक्ष्ण थोड़ा अनियमित दिखाई देता है
  14. चेहरा नाजुक और नरम दिखाई देता है
  15. मुंह का स्वाद कड़वा या खट्टा हो सकता है
  16. नसें काफी उन्नत नहीं होती हैं
  17. पेट मध्यम विकसित होता है
  18. औसत शरीर का वजन
  19. त्वचा पतली, नरम, गर्म और नाजुक
  20. बाल पतले और नरम
  21. नाखून गुलाबी
  22. अच्छी भूख लगती है
  23. अधिक मात्रा में भोजन करना और बार बार खाना खाना
  24. अत्यधिक प्यास महसूस करना, अधिक मात्रा में पानी पीना
  25. मध्यम नींद
  26. नाड़ी तेज और उष्ण
  27. बार-बार मल त्याग करना और दस्त होना
  28. अत्यधिक मासिक धर्म प्रवाह
  29. मासिक धर्म का खून लाल और दुर्गन्धयुक्त

पित्त प्रकृति के मानसिक लक्षण

  1. अच्छा अंतःकरण
  2. थोड़ा स्थिर मस्तिष्क
  3. मस्तिष्क पर मध्यम नियंत्रण
  4. मध्यम मजबूत मस्तिष्क
  5. जीवन में थोड़ा संतोष
  6. थोड़ी सी मानसिक सहिष्णुता
  7. मानसिक तनाव के लिए थोड़ा प्रतिरोधी
  8. प्रतिभाशाली
  9. अनुकूल स्मृति
  10. उचित सावधान
  11. उचित एकाग्रता
  12. काफी स्थिर विचार
  13. अच्छी समझने की शक्ति
  14. अल्पकालिक कार्यों में अच्छा
  15. निडर
  16. साहसी
  17. बहादुर
  18. प्रशंसा से अत्यधिक प्रभावित होता है

पित्त प्रकृति वाले व्यक्ति का व्यवहार

  1. थोड़ी शांति – बार बार होने वाला आक्रामक व्यवहार
  2. थोड़ी सी रचनात्मकता
  3. थोड़ी अहिंसा
  4. थोड़ी क्षमा प्रवृत्ति

पित्त प्रकृति के सामाजिक लक्षण

  1. कुछ मित्र (विश्वसनीय 5 से 10)
  2. सार्वजनिक रूप से या मंच पर बोलने में उत्कृष्ट
  3. अन्य लोगों द्वारा पसंद किए जाने की संभावना – कुछ लोग उन्हें पसंद करते हैं
  4. थोड़ा विश्वसनीय
  5. कुछ लंबे समय तक चलने वाले संबंध
  6. थोड़ी धार्मिकता
  7. थोड़ा अच्छा आचरण
  8. थोड़ी दयालुता
  9. थोड़ी मदद की प्रकृति
  10. थोड़ा झगड़ालू
  11. थोड़ी सत्यता
  12. अक्सर आभारी
  13. वाचाल

सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण

  • ठंडी जलवायु

पित्त प्रकृति के भावनात्मक लक्षण

  1. अति-उत्साहित
  2. अति सक्रिय
  3. जल्दी क्रोध आ जाता है अचानक तेज गुस्से के साथ (आपा खोना); क्रोध थोड़ी देर तक रहता है
  4. जल्दी डर लगता है
  5. जल्दी मन बदलना
  6. प्रसन्न
  7. शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा पर मध्यम नियंत्रण

पित्त प्रकृति की सामान्य समस्याऐं

इसका अर्थ यह नहीं है कि आपको इन समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, लेकिन जब पित्त दोष बढ़ जाए या कुपित हो जाए, तो यह निम्नलिखित समस्याओं या रोगों का कारण बन सकता है:

  1. सूर्य के प्रति अतिसंवेदनशीलता
  2. सिर में चक्कर आना
  3. सिर में हल्का भारीपन
  4. जलन के साथ सिरदर्द
  5. सीमित कामेच्छा
  6. प्रकाश को सहन करने में असमर्थता
  7. स्टोमेटाइटिस(Stomatitis), मुंह में अल्सर
  8. झुर्रियाँ
  9. मस्से
  10. बालों का जल्दी पकना (सफ़ेद होना)
  11. बालों का झड़ना
  12. बालों का कम हो जाना
  13. गंजापन
  14. अत्यधिक पसीना आना
  15. पसीने में दुर्गंध
  16. अत्यधिक मासिक धर्म प्रवाह या अधिक माहवारी
  17. समय पूर्व माहवारी आना
  18. मासिक धर्म के साथ बदबूदार रक्तस्राव
  19. दस्त
  20. जल्दी गुस्सा आना (तुनक-मिजाज)
  21. अत्यधिक भोजन का सेवन
  22. सीने में जलन
  23. अति अम्लता
  24. तैलीय त्वचा
  25. मुँहासे
  26. मसूड़ों से रक्तस्राव
  27. रक्त स्राव विकार
  28. अत्यधिक प्यास लगना

नोट: यह आवश्यक नहीं है कि इस आलेख में वर्णित सभी लक्षण आप में होंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह शुद्ध पित्त गठन पर लागू होता है, जो बहुत दुर्लभ है। आप के शरीर में पित्त के साथ साथ कुछ अनुपात में अन्य दोष भी होंगे जो एक-दूसरे के प्रभाव को बदल सकते हैं या बेअसर कर सकते हैं। पित्त दोष में प्रबलता यह दर्शाती है कि आपके शरीर में अधिकतम पित्त शारीरिक प्रकार के लक्षण होंगे।

Quiz (दोष प्रश्नोत्तरी) 

आप यहां अपने शारीरिक प्रकार की जांच कर सकते हैं:

  1. Dosha Quiz
  2. Skin Type Quiz

सूचना स्रोत (Original Article)

  1. Pitta Body Type (Pitta Constitution) – Pitta Prakriti – AYURTIMES.COM

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Dr. Jagdev Singh

डॉ जगदेव सिंह (B.A.M.S., M.Sc. Medicinal Plants) आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर है। वह आयुर्वेद क्लिनिक ने नाम से अपना आयुर्वेदिक चिकित्सालय चला रहे हैं।उन्होंने जड़ी बूटी, आयुर्वेदिक चिकित्सा और आयुर्वेदिक आहार के साथ हजारों मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया है।आयुर टाइम्स उनकी एक पहल है जो भारतीय चिकित्सा पद्धति पर उच्चतम स्तर की और वैज्ञानिक आधार पर जानकारी प्रदान करने का प्रयास कर रही है।

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