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बादाम रोगन (मीठे बादाम का तेल)

Roghan Badam Shirin (Meethe Badam Ka Tel)

बादाम रोगन को आमतौर पर रोग़न बादाम शिरीन, बादाम का तेल और मीठा बादाम का तेल भी कहा जाता हैं। बादाम में लगभग 44 प्रतिशत तेल होता हैं, और इसका प्रयोग आंतरिक और बाहरी दोनों तरह प्रयोग किया जा सकता हैं जैसे की कुछ समस्याओ में बादाम के तेल से मालिश कर के राहत मिलती हैं वहीँ इसका दवाई के रूप में भी सेवन किया जाता हैं। बादाम का तेल त्वचा और बालों के लिए बहुत ही लाभदायक हैं। सिर में बादाम के तेल से मालिश करने से मस्तिष्क ठंडा रहता हैं और बाल घने होते हैं और इनकी लंबाई भी बढ़ती हैं। बादाम के तेल से अगर आँखों के नीचे मालिश की जाये तो आँखों के नीचे काले घेरे (dark circles ) नही होते इसके अलावा होंठो पर इससे मालिश करने से होंठ फटते नही हैं और मुलायम बने रहते हैं। बादाम के तेल का एक चमच्च रोज़ लेने से शरीर मजबूत बनता हैं और शरीर के अंदरूनी खुश्की को भी यह दूर करता हैं। यह प्रोटीन,मिनरल्स और विटामिन्स का अच्छा स्त्रोत हैं। सिरदर्द ,कब्ज , कमजोर यादाश्त और इंसोम्निया जैसे बिमारियों की रोकथाम में भी यह सहायक हैं।

बादाम के तेल की दिखावट

बादाम रोगन का कोई रंग नही होता और यह बिना किसी खुशबु के या हल्की मीठी खुशबु के साथ हो सकता हैं। यह बिना किसी रंग या सुनहरे- पीले रंग का हो सकता हैं इसके अलावा यह बहुत ही कम वजन का होता हैं और बिलकुल भी चिपचिपा नही होता। स्वस्थ को सुधारने के लिए यह सबसे अच्छी औषधि हैं।

बादाम रोगन के लाभ

बादाम रोगन विभिन्न रोगों के उपचार के लिए बेहतरीन औषधि हैं। इसके निम्नलिखित लाभ हैं।

रूखी त्वचा और फटे हुए होठो के लिए

बादाम रोगन बहुत ही हल्का और न चिपकने वाला हैं। यह अपने गुणों से त्वचा का पोषण करता हैं, प्राचीन काल से ही बादाम के तेल का प्रयोग सामान्य मालिश और चिकित्सक मालिश के लिए प्रयोग किया जाता रहा हैं। रूखी त्वचा में इससे मालिश करने से लाभ मिलता हैं खास तौर पर सर्दियों के दिनों में अक्सर त्वचा खुश्क और रूखी हो जाती हैं, इसके अलावा फटे हुए होंठो पर इसे रोज़ लगाने से होंठ फटते नही हैं और नरम और मुलायम हो जाते हैं। काले होंठो को सुन्दर बनाने के लिए भी इसका प्रयोग किया जा सकता हैं। बादाम का तेल त्वचा के चकत्ते और stretch marks में लगाने से अच्छे परिणाम मिलते हैं। त्वचा की अन्य समस्याओ में भी इस तेल से मालिश करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं।

जलन और सूजन को दूर करने के लिए

त्वचा के रोगों और सूजन को दूर करने के लिए बादाम का तेल एक अच्छी औषधि हैं। यह तेल त्वचा का पोषण करता हैं। त्वचा को यह आवश्यक विटामिन और मिनरल प्रदान करता हैं जिससे त्वचा चमकदार और स्वस्थ दिखती हैं। बादाम रोगन से चहरे पर मालिश करने से चहरे पर निखार आता हैं और झुर्रियां नही पड़ती इसके अलावा इसमें anti-inflammatory गुण हैं जिससे त्वचा में होने वाली जलन या सूजन को कम करने में भी बादाम का तेल सहायक हैं। चेहरे के विभिन्न दाग धब्बे और झाइयो का मुख्य कारण भी रूखी त्वचा होती हैं और बादाम के तेल के प्रयोग से त्वचा का रूखापन तो दूर होता ही हैं, और रूखापन दूर होने से चहरे के दाग धब्बे और झाईयां भी दूर होती हैं। मुहासों को दूर करने में भी इस तेल का प्रयोग सहायक हैं और मुँहासो के ठीक होने के बाद चहरे पर पड़ने वाले निशानों को भी यह दूर करता हैं, बादाम का तेल लटकी हुई त्वचा को भी ठीक करती हैं।

बालों के लिए उपयोगी

बादाम का तेल बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं, इससे मालिश करने से सिर की खुश्की दूर होती हैं और बाल भी लंबे, घने और चमकदार होते हैं। इस का प्रयोग करने से बाल झड़ते नही हैं। आंबले के तेल के साथ बादाम के तेल से मालिश करने से बालो का सफ़ेद होना और रुसी भी कम होती हैं। गर्भवती महिलायों को भी इसके सेवन से फायदा होता हैं।

आँखों के नीचे काले घेरो को दूर करने के लिए

आँखों के नीचे होने वाले काले घेरे यानि डार्क सर्कल्स मुख्यता तनाव, कम या अधिक सोना, धूप में अधिक रहना और वजन कम होने से हो सकते हैं। बादाम के तेल से रोज़ सोने से पहले आँखों के नीचे कुछ देर मालिश करने से आँखों के काले घेरों से छुटकारा मिलता हैं। सोते समय इसकी दो बुँदे नाक में डालने से आँखों की रौशनी भी तेज़ होती हैं और दिमाग भी तेज़ होता हैं। महिलाएं मेकअप को उतारने के लिए भी बादाम के तेल का प्रयोग कर सकती हैं बादाम रोगन का कोई दुष्प्रभाव नही होता।

सिरदर्द, Migraine और गर्दन के दर्द में राहत

बादाम का तेल से सिर में मालिश करने से नींद अच्छी आती हैं और सिर दर्द में भी राहत मिलती हैं इसके अलावा Migraine में भी राहत मिलती हैं और अगर गर्दन में दर्द हो तो इसकी मालिश करने से वो भी दूर होती हैं। सुनने में मुश्किल हो तो कान में दो बुँदे बादाम रोगन की रोज डालने से उसमे भी राहत मिलती हैं। सिर में बादाम के तेल से मालिश करने से मस्तिष्क ठंडा रहता हैं जिससे थकावट भी दूर होती हैं।

ह्रदय संबंधी रोगों के लिए

बादाम का तेल हृदय की समस्याओं के लिए एक बहुत अच्छा उपाय है, यह ह्रदय को सामान्य रूप से काम करने के लिए उपयुक्त पोषण तत्वो को प्रदान करता हैं और रक्तचाप और केलेस्ट्रॉल को भी संतुलित बनाये रखता हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए यह बहुत ही अच्छा और हर्बल उत्पाद हैं।

कब्ज, तनाव और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए

बादाम का तेल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए बहुत ही उपयोगी उत्पाद हैं और यह शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में भी सहायता करता हैं। बादाम का तेल कब्ज की रोकथाम में भी उपयोगी हैं और शरीर के पाचन प्रक्रिया को भी सही रखता हैं इसके सेवन से तनाव भी कम होता हैं। रोजाना रात में गाय के दूध में कुछ बुँदे बादाम के तेल की डाल कर पीने से दिमाग तेज़ होता हैं। बच्चो के लिए बादाम का तेल बहुत ही उपयोगी हैं क्योंकि इसके सेवन से दिमाग तेज़ होता हैं और एकाग्रता बढ़ती हैं।बादाम का तेल छोटे बच्चो की मालिश के लिए भी प्रयोग करना उनके लिये बहुत ही फायेदमंद होगा क्योंकि यह मांसपेशियों को मजबूत करता हैं और बच्चो के विकास में सहायक होता हैं। इसके साथ ही इसका सेवन करने से आवाज़ भी मधुर बनती हैं।

खुश्क नाखून के लिए

अगर आपके नाखून खुश्क हैं और जल्दी टूटते हैं तो आप बादाम के तेल से नाखुनो पर मालिश करें, खास कर सोने से पहले अपने हाथो और नाखुनो पर मालिश करें इससे आपके नाख़ून मजबूत होंगे और नाखूनों की लंबाई भी अच्छे से बढ़ेगी।

खुराक और निर्देश

मौखिक खुराक (शिशु) प्रयोग नही करना चाहिए
मौखिक खुराक (बच्चो को) 1 -2.5 मिलीलीटर दिन में दो बार
मौखिक खुराक (वयस्क) 5-10 मिलीलीटर दिन में दो बार
अधिकतम संभव मौखिक खुराक रोज़ 30 मिलीलीटर
नाक के माध्यम से प्रयोग 1-2 बूंदे दिन में दो बार
कान के माध्यम से प्रयोग 2-3 बूंदे दिन में दो बार

बादाम रोगन या रोग़न बादाम शिरीन को एक या दो चम्मच मौखिक रूप से लिया जा सकता हैं। अगर आप इसका सीधे तौर पर सेवन नही करना चाहते हैं तो इसे सलाद के ऊपर डाल कर या पका कर भी इसका सेवन कर सकते हैं। इसका सेवन दूध, प्रोटीन ड्रिंक और शहद के साथ भी किया जा सकता हैं। 2 चम्मच बादाम रोगन को आप इनमे से किसी भी खाने की चीज़ों से साथ ले सकते हैं या आप घर में बनने वाली सब्जियों में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं इससे खाने का स्वाद भी बढ़ जाएगा और इसके गुण भी आपको प्राप्त होंगे।

कब्ज में

कब्ज में रोगन बादाम शिरीन को अच्छे से पचाने के लिए इसका सेवन दूध के साथ करना बेहतर हैं। बादाम रोगन के 2 -4 चम्मच को दूध में मिला लें अच्छे परिणामो के लिए इसे रात को पियें।

त्वचा पर इसका प्रयोग

बादाम रोगन का प्रयोग त्वचा, होंठो और बालों पर रोज़ाना करने से सब का पोषण होता हैं और यह बालों और त्वचा को चमकदार बनाता हैं।

नाक पर प्रयोग करने पर

बादाम रोगन खुश्की को दूर करती हैं और इसकी कुछ बूंदे नाक में डालने से आँखों की रौशनी बढ़ती हैं और यह नाक,कान और गले का भी पोषण करता हैं।

कान के रोगों में

प्राचीन काल से ही बादाम के तेल का प्रयोग कान की सफाई के लिए किया जाता रहा हैं। 2 -3 बूंदे बादाम के तेल की प्रत्येक कान में डालने से अनिद्रा में राहत मिलती हैं और अच्छी नींद आती हैं।

संदर्भ

  1. Roghan Badam Shirin