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कफ दोष के गुण, कर्म, मुख्य स्थान, प्रकार, असंतुलन, बढ़ने और कम होने के लक्षण

कफ एक ऐसी संरचनात्मक अभिव्यक्ति है जो द्रव्यमान को दर्शाता है यह हमारे शरीर के आकार और रूप के लिए भी ज़िम्मेदार है।…

पित्त दोष के गुण, कर्म, मुख्य स्थान, प्रकार, असंतुलन, बढ़ने और कम होने के लक्षण

पित्त शरीर का ऐसा भाव(दोष) है जो शरीर की गर्मी, आग और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। जैविक रूप से, यह ऊर्जा और द्रव…

वात दोष के गुण, कर्म, मुख्य स्थान, प्रकार, असंतुलन, बढ़ने और कम होने के लक्षण

"वा गतिगंधनयो" धातु से वात अर्थात वायु शब्द निष्पति होती है।  वात एक अभिव्यक्ति है और मुख्य कार्यकारी शक्ति है जो…

अभ्रक भस्म

अभ्रक भस्म अभ्रक की जलाई हुई राख है जिसका उपयोग आयुर्वेद में श्वसन विकारों, यकृत और पेट की बीमारियों, मानसिक…

गोदंती भस्म के गुण, लाभ और औषधीय उपयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

गोदन्ती भस्म जिप्सम से बनाई गयी एक खनिज आधारित आयुर्वेदिक औषधि है। यह प्राकृतिक कैल्शियम और सल्फर सामग्री में…